हर साल हज़ारों की जान ले रहा प्लास्टिक


नई दिल्ली, 11 सितम्बर (इंट) : आज प्लास्टिक देश में बहुत ही तेजी बढ़ रही समस्या में से एक है, और यह दिन-प्रतिदिन बहुत ही गंभीर होती जा रही है। हर साल प्लास्टिक खाने से देश में हजारों गायों की मौत हो जाती है। प्लास्टिक का कचरा जमीन पर रहने वाली प्राणियों के साथ-साथ जलीय जीवों की मौत का भी कारण बनता है। यूनाइटेड नेशंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक पूरी दुनिया में हर साल 500 बिलियन प्लास्टिक बैग इस्तेमाल किए जाते हैं।
इन राज्यों का सबसे बुरा हाल :
स्टिक पॉलिथीन खाने से मरने वाली गायों की मौतों का आंकड़ा काफी बड़ा है। इस लिस्ट में कई राज्यों के नाम है, लेकिन उत्तर प्रदेश और राजस्थान का हाल सबसे बुरा है। साल 2017 में उत्तर प्रदेश के पशु चिकित्सक विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार अकेले लखनऊ में पॉलिथीन खाने से हर साल करीब 1000 गायों की मौत होती है। राजस्थान में 2018 में एक रिपोर्ट के मुताबिक यहां पिछले चार सालों में प्लास्टिक का कचरा खाने से 1000 पशुओं की मौत हुई है। 
समुद्री जीवों को भी खतरा :
यूनाइटेड नेशंस की रिपोर्ट के अनुसार 2050 तक समुद्र में मछलियों से ज्यादा प्लास्टिक का कचरा होने का अनुमान लगाया गया है। समुद्र में जमा प्लास्टिक के कचरे से हर साल समुद्री जीवों की करीब 700 से ज्यादा प्रजातियां प्रभावित होती हैं। समुद्री प्रजातियां प्लास्टिक को भोजन समझकर निगल जाती हैं और कुछ समय बाद ही उनकी मौत हो जाती है।
प्लास्टिक से कैसे होती है मौत :
जीवोंके लिए प्लास्टिक को पचा पाना असंभव है। आतों में जाने वाले प्लास्टिक के रिएक्शन काफी खराब होते हैं। कई बार नुकीला प्लास्टिक गले के नीचे नहीं उतरता है। ऐसे में उनका दम घुटने लगता है. प्लास्टिक में मौजूद केमिकल्स की वजह से उन्हें इंफेक्शन हो जाता है जिसके कारण कुछ समय बाद उनकी मौत हो जाती है।
क्या है सिंगल-यूज प्लास्टिक
सिंगल-यूज प्लास्टिक उसे कहते हैं जिसका हम एक बार ही इस्तेमाल करते हैं। रोजमर्रा की जिंदगी में तमाम ऐसे प्लास्टिक के प्रोडक्ट हैं जिसे हम एक बार इस्तेमाल कर फेंक देते हैं। इसी तरह के प्लास्टिक को सिंगल यूज प्लास्टिक कहा जाता है। इसे डिस्पोजेबल प्लास्टिक के नाम से भी जाना जाता है। सिंगल यूज प्लास्टिक प्रोडक्ट की बात करें तो इसमें-प्लास्टिक बैग, प्लास्टिक की बोतलें, स्ट्रॉ, कप, प्लेट्स, फूड पैकजिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक, गिफ्ट रैपर्स और कॉफी के डिस्पोजेबल कप्स आदि शामिल हैं।
प्लास्टिक का इतना बोझ पांच घंटे में छू सकता है एफिल टॉवर की ऊंचाई
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनिया में एक मिनट में करीब दस लाख प्लास्टिक की बॉटल्स की खरीदारी होती है। रोजाना हर घंटे करीब 54.9 मिलियन यानी करीब साढ़े पांच करोड़ प्लास्टिक की बॉटल्स का इस्तेमाल होता है। वहीं पूरे दिन में 1.3 बिलियन यानी करीब 130 करोड़ प्लास्टिक बोतलों का इस्तेमाल होता है। पेरिस में मौजूद एफिल टॉवर की हाइट 324 मीटर है और इतनी बोतलों से बना पहाड़ इसकी आधी ऊंचाई के बराबर हो सकता है। प्लास्टिक के बातलों के महीने भर का हिसाब लगाएं तो दुनियाभर में प्रतिमाह 40 बिलियन से ज्यादा यानी करीब 4000 करोड़ प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल होता है। बोतलों के इतने बड़े ढेर में एफिल टॉवर सूई बराबर भी नजर नहीं आएगा। हर साल करीब 481.6 बिलियन  यानी 48,000 करोड़ से ज्यादा प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल किया जाता है।