बिजली की मांग घटने से राज्य के सरकारी ताप बिजली घरों के सभी यूनिट बंद


पटियाला, 30 नवम्बर (जसपाल सिंह ढिल्लों) : इस समय पर पहाड़ों की चोटियां और बर्फबारी ने मैदानी इलाके में भी रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। गर्मी के दौरान  बिजली की मांग जो 13 हजार मेगावाट से पार कर गई थी परन्तु अब यह घट कर 4824 मेगावाट तक ही अटकी हुई है। जिस कारण इस समय पर गुरु गोबिन्द सिंह सुपर ताप बिजली घर रोपड़ और गुरु हरगोबिन्द साहब ताप बिजली घर लहरा मोहब्बत के सभी 10 यूनिट बंद रखे हुए हैं। इस से पहले गुरु नानक देव ताप बिजली घर बठिंडा को भी समय बहुत प्रयोग कर उठाने कारण बंद रखा गया है। बिजली की इस मांग की पूर्ति के लिए बिजली निगम का दारोमदार निजी क्षेत्र के ताप बिजली घरों पर निर्भर है। इस समय पर राजपुरा के नलास ताप बिजली घर के दो यूनिटों से 1327 मेगावाट और तलवंडी साबो के वणावाली के दो यूनिटों से 969 मेगावाट बिजली की प्राप्त हो रही है जब कि तीसरे निजी ताप बिजली घर जीवीके का भी बिजली उत्पादन भी ठप्प रखा हुआ है। इस के साथ ही पन बिजली घर का उत्पादन भी बंद किया हुआ है। इस में आनन्दपुर साहब दे दो यूनिटों का भी उत्पादन बंद है। इस समय पर पण बिजली घरों का कुल उत्पादन 392 मेगावाट है। इस में रणजीत सागर डैम के एक यूनिट से 144 मेगावाट, मुकेरियां पन बिजली घर के एक यूनिट से 191 मेगावाट, अपरबारी दुआब केनाल पन बिजली घर से 40 मेगावाट और हिमाचल प्रदेश स्थित जोगिन्द्र नगर पण बिजली घर शानन से 18 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है।