कॉर्पोरेट्स को लाखों करोड़ की राहत, किसानों को सिर्फ तसल्ली, संत सीचेवाल ने राज्यसभा में उठाए सवाल

सुल्तानपुर लोधी, 4 फरवरी (थिंद) - पर्यावरणविद और राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने संसद में किसानों के पक्ष में बोलते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़े किसान विरोधी और कॉर्पोरेट समर्थक नीति को साफ तौर पर उजागर करते हैं। सरकार के जवाब के अनुसार, देश के बड़े कॉर्पोरेट घरानों के 9.86 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के लोन "राइट ऑफ" कर दिए गए हैं, जो असल में एक तरह की लोन माफी है। इसके उलट, खेती और उससे जुड़े सेक्टर को सिर्फ 1.67 लाख करोड़ रुपये की राहत मिली है, जो तुलना में बहुत कम है। केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी द्वारा राज्यसभा में पेश किए गए सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2014 से 30 सितंबर, 2025 तक अकेले बड़ी इंडस्ट्रीज़ के करीब 7.21 लाख करोड़ रुपये के लोन "राइट ऑफ" किए गए हैं, जबकि बड़े व्यापारियों को भी 2.65 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राहत दी गई है। इसकी तुलना में, एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए लोन माफ़ी की रकम बहुत कम है। रिपोर्टर्स से बात करते हुए संत सीचेवाल ने कहा, “जब बड़े कॉर्पोरेट हज़ारों करोड़ रुपये का लोन नहीं चुकाते हैं, तो उन्हें पॉलिसी के नाम पर ‘राइट ऑफ़’ कर दिया जाता है। लेकिन जब कोई किसान मौसम की मार, फ़सल खराब होने और कम सपोर्ट प्राइस की वजह से कर्ज़ के बोझ तले दब जाता है, तो उसे लोन माफ़ी नहीं मिलती, बल्कि उसे सवालों और शर्तों का सामना करना पड़ता है।”

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