CMRL 'घूस' मामला: केरल HC ने विजयन और अन्य लोगों की याचिका को खारिज किया
कोच्चि, 15 अक्टूबर (PTI) केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके परिजनों को एक बड़ा झटका लगा है। केरल हाई कोर्ट ने गुरुवार को उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने CMRL घूस मामले में अपने खिलाफ FIR दर्ज करने के सिंगल जज के आदेश के खिलाफ अपील करने की अनुमति मांगी थी।
जस्टिस के. नटराजन और जस्टिस जॉनसन जॉन की बेंच ने विजयन, उनकी बेटी वीणा टी. और उनके पति पी.ए. मोहम्मद रियास की उन अर्जियों को खारिज कर दिया, जिनमें उन्होंने सिंगल जज के 9 अक्टूबर के आदेश के खिलाफ अपील करने की अनुमति मांगी थी।
बेंच ने कहा कि 9 अक्टूबर के आदेश से "आवेदकों के पास FIR दर्ज होने के खिलाफ संवैधानिक या कानूनी उपाय अपनाने का जो अधिकार है, उस पर कोई असर नहीं पड़ा है।" बेंच ने कहा, "अपील दायर करने की अनुमति मांगने वाली सभी अर्जियां खारिज की जाती हैं।"
विस्तृत फैसले का इंतजार है।
विजयन, वीणा और रियास ने अपनी अपीलों में दावा किया था कि 9 अक्टूबर को FIR दर्ज करने का आदेश देने से पहले, सिंगल जज ने उनका पक्ष नहीं सुना था।
अपीलकर्ताओं ने यह भी कहा था कि एक बार जब हाई कोर्ट FIR दर्ज करने का आदेश दे देता है, तो वे उसे अदालत में चुनौती नहीं दे सकते।
उन्होंने आगे दावा किया कि जिस याचिका पर सिंगल जज ने यह आदेश दिया, वह एक जनहित याचिका (PIL) थी। इसलिए, इस पर उस डिवीजन बेंच को सुनवाई करनी चाहिए थी जो जनहित याचिकाओं से जुड़े मामलों को देखती है।
ये अपीलें तब दायर की गईं, जब विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (VACB) की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट-1 ने सोमवार को CMRL घूस मामले के संबंध में विजयन और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दो FIR दर्ज कीं।
केरल हाई कोर्ट ने 9 अक्टूबर को VACB को निर्देश दिया था कि वह प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा राज्य पुलिस को सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज करे।
ED ने 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत अपनी जांच और तलाशी के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर मामला दर्ज करने की मांग की थी। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि CMRL ने IT कंसल्टेंसी सेवाओं की आड़ में वीणा की कंपनी 'एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस' (जो अब बंद हो चुकी है) को 2.78 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान किया।

