हनीप्रीत अब जेल से परिजनों के साथ फोन पर कर सकेगी बात 


हाईकोर्ट ने दी अनुमति
चंडीगढ़, 15 जनवरी (राम सिंह बराड़): डेरा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत को अपने परिजनों से फोन पर बात करने की सुविधा मिलने जा रही है। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने हनीप्रीत की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें जेल में बंद अन्य कैदियों की तरह फोन पर परिवार से बात करने की सुविधा दिए जाने को कहा है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब हनीप्रीत अपने परिवार के लोगों के साथ रोजाना पांच मिनट तक बात कर सकेगी। हनीप्रीत ने पहले ही अपने परिवार के सदस्यों के दो फोन नंबर दे रखे हैं और कहा गया है कि वे अपने परिवार के इन फोन नंबरों पर बात करना चाहती है। हरियाणा की जेलों में कैदियों के लिए परिजन-इनमेट कॉलिंग सिस्टम लागू है, जिसके जरिए कैदी अपना अंगुठा लगाकर जेल के पीसीओ से परिवार के साथ बातचीत कर सकता है। कैदी जब उस पीसीओ पर अपना अंगुठा लगाता है तो सामने स्क्रीन पर दोनों नंबर नजर आते हैं और उसमें से जिस नंबर पर कैदी बात करना चाहे तो उस नंबर पर वह बात कर सकता है। 
कैदियों को यह सुविधा पुलिस विभाग द्वारा एनओसी दिए जाने के बाद दी जाती है और हनीप्रीत के मामले में पुलिस विभाग द्वारा एनओसी न दिए जाने के कारण अभी तक उसे यह सुविधा नहीं मिल पाई थी। इससे पहले हनीप्रीत ने जिला सत्र न्यायालय में भी उसे फोन की सुविधा उपलब्ध करवाए जाने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी लेकिन उनकी याचिका वहां निरस्त कर दी गई थी। इसके बाद हनीप्रीत ने अपने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका डाली और उस पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने हनीप्रीत को यह सुविधा दिए जाने के आज आदेश जारी कर दिए हैं। 
अभी तक हनीप्रीत के अलावा डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को भी परिवार से फोन पर बात करने की सुविधा नहीं मिल पाई। अब माना जा रहा है कि यह सुविधा हासिल करने के लिए गुरमीत राम रहीम भी अदालत में याचिका दायर कर सुविधा दिए जाने की मांग कर सकता है। गुरमीत राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है और साध्वी यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा काट रहा है। रामचंद्र छत्रपति मामले में गुरमीत राम रहीम व तीन अन्य के खिलाफ सीबीआई कोर्ट 17 जनवरी को अपना फैसला सुनाएगी। आज प्रदेश पुलिस की ओर से सीबीआई कोर्र्ट में याचिका दायर करके कोर्ट से आग्रह किया गया कि कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की संभावना के दृष्टिगत गुरमीत राम रहीम को पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट पेश करने की बजाय उन्हें वीडियो कांफ्रैंसिंग के जरिए पेश किए जाने की ही इजाजत दी जाए। कोर्ट इस पर बुधवार को अपना फैसला सुनाएगी।