यूपीएससी प्रीलिम्स-2024 कमर कस लें, उल्टी गिनती शुरु 

आगामी 16 जून 2024 को यूपीएससी प्रीलिम्स की परीक्षाएं देश के 80 शहरों में आयोजित होंगी। आमतौर पर प्रीलिम्स के लिए 9 लाख से 10 लाख उम्मीदवार आवेदन करते हैं, लेकिन करीब 5.5 लाख उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं और प्रीलिम्स परीक्षा पास करने वाले छात्रों की संख्या 10 से 15 हजार के बीच में होती है, जिनसे अंतत: 1000 से 1100 के बीच सिविल सर्वेंट चुने जाते हैं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि यह देश की सबसे कठिन परीक्षा है। लेकिन एक नहीं अनेक एक्सपर्ट कहते हैं, ‘यूपीएससी परीक्षा में शामिल होने वाले 80 प्रतिशत से ज्यादा उम्मीदवार गंभीर नहीं होते। मुश्किल से 15 से 20 प्रतिशत उम्मीदवार ही गंभीर होते हैं और अगर दृष्टि आईएएस कोचिंग संस्थान के निदेशक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति की मानें तो गंभीर छात्रों में से 50 प्रतिशत से ज्यादा प्रीलिम्स आसानी से निकाल लेते हैं और इस गंभीरता को बरकरार रखने वालों में 50 प्रतिशत से ज्यादा मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की बाधा भी पार कर लेते हैं।
मतलब वही ‘जो ठान लें, उनकी कभी हार नहीं होती।’ बहरहाल इस उत्साहपूर्ण आंकड़े के बाद अब आइये कुछ व्यवहारिक बातें जान लें। अगर पिछले नौ दस महीनों से आपने लगातार 8 से 10 घंटे पढ़ाई की है, तो अब भले इस समय में कुछ कमी कर दीजिए मगर पढ़ने बल्कि कहना चाहिए दोहराने का क्वालिटी टाइम मेंटेन कीजिए। अब तक जाहिर है आपने प्रीलिम्स सिलेबस पढ़ चुके होंगे। चूंकि इस परीक्षा के साथ सबसे बड़ी समस्या ये है कि इसका पाठ्यक्रम बहुत विशाल है। इसलिए सब कुछ पढ़ और रट करके इसे पास करने की न सोचें, जयादा से ज्यादा चीजों को समझकर ही आप देश की इस सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा का प्रवेशद्वार फतेह कर सकते हैं।
 यूपीएससी के सिलेबस में भूगोल, अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, पर्यावरण अध्ययन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा करंट अफेयर जैसे विस्तृत विषय समाहित हैं। इसलिए प्रीलिम्स की तैयारी करने का एक स्मार्ट तरीका यह है कि पहले चार महीनों तक इन सभी विषयों का नियमित अध्ययन किया जाए और फिर अगले चार महीनों तक अधिक से अधिक प्रीलिम्स टेस्ट पेपर का अभ्यास किया जाए। इससे एक तरफ जहां यह पता चल जायेगा कि इस परीक्षा में पूछे जाने वाले सवालों का कितना विस्तृत फलक होता है, वहीं यह भी पता चल जायेगा कि करीब 60 से 65 प्रतिशत तक अगर ठीक वही सवाल नहीं तो कम से कम उन्हीं विषयों से और उन्हीं संदर्भों से सवाल पूछे जाते हैं, जो पिछले पांच सालों से पूछे जा रहे हैं। कहने का मतलब ये है कि अगर कई महीनों तक प्रीलिम्स परीक्षाओं के मौक टेस्ट दिए जाएं तो समझ में आ जाता है कि यहां सवाल पूछने की रणनीति क्या होती है और पूछे गये सवाल कितने विस्तृत फलक से होते हैं।
प्रीलिम्स पास करने के लिए इसका फॉर्म भरने के 8-9 महीने पहले अध्ययन शुरु कर देना चाहिए और आवेदन करने के कुछ महीनों के बाद से लगातार अगले कई महीनों तक सारा फोकस मौक टेस्ट में रखना चाहिए। इससे यह अंदाजा लग जाता है कि पूछे गये सवालों की कैटेगिरी क्या होती है, साथ ही परीक्षा पास करने के लिए टाइम मैनेजमेंट पर कैसे नियंत्रण रखा जाये? मतलब यह कि मौक टेस्ट से न केवल आप अपनी विषय वस्तु को लेकर स्पष्ट होते हैं बल्कि समय से पेपर खत्म करने का अभ्यास भी हो जाता है। यूपीएससी की प्रीलिम्स परीक्षा पास करने के लिए हमारी तैयारी चाहे जितनी अच्छी हो, लेकिन अगर हम पर घबराहट ज़रूरत से ज्यादा हावी है तो हम कम से कम अच्छा पेपर तो नहीं दे सकते। इसलिए ज़रूरी है कि जब परीक्षाओं के लिए महज एक पखवाड़ा समय बचा हो तो हमें नये सिरे से पढ़ने की रणनीति नहीं बदलनी, न दिन रात अब पढ़ने पर फोकस रखना है। अब अपने आपको मानसिक तौर पर परीक्षा पास करने के लिए तैयार करना है, जो इस लिहाज से मुश्किल नहीं है कि अगर आपने परीक्षा देते समय अपने कॉन्फिडेंस को मज़बूत रखा तो इसे पास करने के आपके चांस में 50 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो जाती है। 
यह सुनने में थोड़ा अटपटा लग सकता है अगर परीक्षाओं के समय आपका स्वास्थ्य बढ़िया नहीं रहेगा तो उससे अपनी तरह की समस्याएं खड़ी हो सकती हैं और कई बार तो ये समस्याएं परीक्षा को पास करने में भी बाधा बनकर उभरती हैं। इसलिए जब सिर्फ एक पखवाड़े का वक्त प्रीलिम्स के लिए बचा है तो अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें। कुछ ऐसा खाने से बचें, जिससे पेट खराब हो, फूड प्वाइजनिंग हो जाये आप बीमार पड़ जाएं। ध्यान रखें ये एक दो दिन की खराब तबीयत भी आपकी परीक्षा पास करने की संभावनाओं पर सवालिया निशान लगा सकती है। थोड़ा बहुत एक्सरसाइज करते हैं तो करते रहें। परीक्षाओं की तैयारी का दबाव बनाकर एक्सरसाइज बंद न करें। जिस शहर में आपका सेंटर पड़ा हो, वहां न सिर्फ एक दिन पहले पहुंच जाएं बल्कि जिस केंद्र में आपकी परीक्षा होनी हैं, उसे एक दिन पहले ही देख लें ताकि जहां पर रूके हुए हों, वहां से आसानी से और समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने की आपमें व्यवहारिक सहूलियत पैदा हो।

#यूपीएससी प्रीलिम्स-2024 कमर कस लें
# उल्टी गिनती शुरु