सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ में सुखना झील के विनाश और सूखने को लेकर बिल्डर-माफिया और राज्य के अधिकारियों की खिंचाई की

चंडीगढ़, 21 जनवरीः उच्चतम न्यायालय ने चंडीगढ़ में सुखना झील के विनाश और सूखने पर गंभीर आपत्ति जताते हुए बिल्डर-माफिया और राज्य के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि उन्होंने मिलीजुली कार्रवाई की है जिससे झील को गंभीर पारिस्थितिक नुकसान हुआ है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि झील विनाश के कगार पर है और इसका कारण नौकरशाहों और बिल्डर माफिया के बीच सांठगांठ है।
सीजेआई ने कहा, "सुखना झील, और कितना सुखोगे सुखना झील को? (आप सुखना झील को कब तक सुखाएँगे? यह विनाश के कगार पर है। बिल्डर माफिया नौकरशाहों के राजनीतिक समर्थन से काम कर रहे हैं। बिल्डर कौन काम कर रहे हैं? "।

पीठ ने अरावली परिभाषा मुद्दे के संबंध में अपने स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की, जिसमें उसने अरावली रेंज की केंद्र की परिभाषा को स्वीकार करने के अपने पहले के फैसले पर रोक लगा दी थी।

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