छत्रपति मर्डर केस: राम रहीम कोर्ट से बरी

 

चंडीगढ़, 7 मार्च- डेरा चीफ राम रहीम को छत्रपति मर्डर केस में बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने इस केस में राम रहीम को बरी कर दिया है। हालांकि, बाकी तीन आरोपियों कुलदीप, निर्मल और किशन लाल की सजा बरकरार रखी है। इन सभी को इस केस में CBI कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी और हाई कोर्ट ने इस फैसले को बदल दिया है।

आपको बता दें कि सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की 24 अक्टूबर 2002 को उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 21 नवंबर को उनकी मौत हो गई थी। अगस्त 2002 में एक गुमनाम लेटर में डेरा की महिलाओं पर सेक्शुअल हैरेसमेंट और रेप का आरोप लगाया गया था। छत्रपति ने यह लेटर अपने अखबार में छापा था।

2003 में, छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति की याचिका के बाद पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने जांच CBI को सौंप दी थी। नवंबर 2003 में, CBI ने हाई कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज की। 2004 में, डेरा सच्चा सौदा ने जांच पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। पंचकूला की स्पेशल CBI कोर्ट में केस का ट्रायल लगभग 16 साल तक चला।
CBI ने 2018-2019 में केस में चार्जशीट दायर की। कोर्ट ने इसे एक सुनियोजित साजिश बताया और राम रहीम, कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को दोषी ठहराया।

गुरमीत राम रहीम ने 2019 के फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी और आज हाई कोर्ट ने उसे बरी कर दिया। गुरमीत राम रहीम दो साध्वियों से रेप के आरोप में 20 साल की सजा काट रहा है और फिलहाल रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है।

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