पत्नी जी को बूस्टर डोज 

चंगू जी की पत्नी जी वैसे तो पच्चीस किलो की थीं लेकिन उनकी जुबान पांच हाथ से कुछ ज्यादा ही लम्बी थी। लड़ने में उनका कोई सानी नहीं था। सारी औरतें एक तरफ  और वो एक तरफ। आंदोलनों की तरह मुहल्ले में दो धड़े थे। उनकी तरकश में एक-से-एक गालियां थीं। मुहल्ले के लोग प्राय : इनसे दूर ही रहना चाहते थे और अपनी खैर मनाते थे। ये बहुत विरोधाभासी स्थिति थी कि जितनी लंबी उनकी जुबान थी, उतना ही वह कमजोर थी। ऐसा उनको लगता था। ये कमजोरी औरतों से बिना मतलब के बातें करते हुए दिखाई नहीं देती थी। जैसे ही उनको कोई काम बताओ। उनको कमजोरी महसूस होने लगती थी। 
पत्नी जी की बात सुनकर कर चँगू जी ने कमजोरी की दवा खोजने का निर्णय लिया। लिहाजा हर गूगल जीवी की तरह उन्होंने गूगल किया। गूगल पर सबसे पहले एलोपैथिक और फिर आयुर्वेदिक दवाओं के बारे में खोज खबर ली। चंगू जी प्राय: हर गूगल जीवी की तरह बहुत होशियार थे। एलोपैथिक दवाओं के सेवन से बचना चाहते थे। कारण कि उनको पता था एलोपैथिक दवाएं नुकसान करतीं हैं। पत्नी जी को तंदरुस्त रखने के लिए उन्होंने बैद्यनाथ की दवाई पिलाई। काम बनता ना देखा तो दूसरी को ट्राई किया। जब गूगल ज्ञान काम ना आया तो बैध जी के पास गए। बैद्य जी ने नुस्खे में लिख दिया। चंगू जी ने मूलेठी भी खिलाकर देखा। कोई फायदा नहीं हुआ।
पत्नी जी की परेशानी कुछ दूसरे तरह की थी। उनको झाड़ू-बर्तन, पोछा करते चक्कर आने लगता था। खाने की ऐसी शौकीन की क्या कहने। एक से दो सब्जी अगर बनाने को कह दिया जाए तो सिर दुखने लगता था। वो चाहती थीं कि उनका हर काम नौकर करे लेकिन नौकर भी तो आदमी होता नहीं। उसको थकने का कोई अधिकार नहीं है। नौकर काम करने के लिए बना है। चंगू जी की पत्नी को बनाकर खाने में मजा नहीं आता था। चंगू जी की पत्नी कहतीं कि बनाकर खाने में वो स्वाद नहीं आता है जो होटल से मंगवाकर खाने में आता है। अपने हाथ से बनाया  खाना देखकर ही पेट भर जाता है। प्राय: बाहर से खाकर आतीं तब भी थकी-थकी दिखाई देतीं। वो एक ही बात का रोना रोतीं हैं कि सुबह से उठकर शाम तक उनको काम करना पड़ता है। लिहाजा वो थक जातीं हैं। चँगू जी ने अनोखा जुगाड़ लगाया। वो जुगाड़ू आदमी थे। इधर सोच रहे हैं कि पत्नी जी की स्पीड कैसे बढ़े। लिहाजा उन्होंने पत्नी जी में दो सौ हॉर्स पावर का इंजन लगाने की सोची। 
इस सोच के साथ वो ये भी सोच रहे हैं कि कोरोना से बचाव के लिए जिस तरह से टीके लगे, कुछ उसी तरह से थकान से बचाव के लिए पत्नी जी को कोई एनर्जी ड्रिंक या बूस्टर डोज लगवा दें। जिससे पत्नी जी को एनर्जी मिलती रहे। 


-मेघदूत मार्केट फुसरो 
बोकारो झारखंड, पिन 829144 

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