आओ जानें भारत की जनगणना का इतिहास

प्यारे बच्चो, हम भारत के निवासी हैं, हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आज़ाद हुआ। इस समय भारत के 28 राज्य और 8 केन्द्र शासित प्रदेश हैं। आज़ादी के बाद हमने कितनी तरक्की की है, इसलिए भारत में प्रत्येक 10 वर्ष के बाद जनगणना होती है।
बच्चो, भारतीय जनगणना के इतिहास पर नज़र दोहराएं तो भारत में जनगणना की शुरुआत कौटिल्य की किताब ‘अर्थशास्त्र’ (321-296 ईसा पूर्व) और मुगल सम्राट अकबर के समय के लेखक अबुल ़फज़ल के ‘आइना-ए-अकबरी’ लेख में मिलता है। भारत में पहली आधुनिक जनसंख्या जनगणना 1865-1872 ईस्वी में लॉर्ड मेयो के कार्यकाल के समय विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग समय हुई। परन्तु 17 फरवरी 1881 से ब्रिटिश शासन के दौरान अंग्रेज अधिकारी डब्ल्यू.सी. प्लोडेन के नेतृत्व में पूरे भारत में एक ही समय जनगणना करवाई गई। उस समय से प्रत्येक 10 वर्ष बाद भारतीय संविधान की 7वीं अनुसूची अनुसार जनगणना करवाने की ज़िम्मेदारी केन्द्र सरकार के गृह मंत्रालय की है। बच्चो, जनगणना देश के सभी व्यक्तियों से संबंधित जनसंख्या, सामाजिक, सभ्याचारक और आर्थिक डेटा इकट्ठा करने, विश्लेषण करने और प्रसारित करने की प्रक्रिया है। जनगणना के जरिए इकट्ठी की गई जानकारी का विशाल भंडार योजनाकार, प्रकाशनों, अनुसंधानकत्ताओं और अन्य डेटा उपभोक्ताओं के लिए डेटा का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत बनाता है। जनगणना शासन के लिए एक महत्वपूर्ण आधार के रूप में काम करती है, जोकि सरकार को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में सबूत आधारित फैसले लेने के समर्थ बनाता है।
बच्चो, भारत के 145 वर्षों के इतिहास में पहली बार 16वीं जनगणना 2026-27 पूर्णतौर पर डिजीटल (मोबाइल ऐप) होगी। यह दो चरणों में होगी। पहला चरण 15 मई से 13 जून 2026 तक गणनाकार घर-घर जाकर हाऊस लिस्टिंग करेंगे, जबकि दूसरे चरण में फरवरी 2027 में परिवार के प्रत्येक सदस्य के बारे में कॉलम नम्बर 1 से 31 तक मोबाइल ऐप द्वारा जानकारी इकट्ठी की जाएगी। इस बार जाती आधारित सर्वेक्षण भी होगा। बच्चो, आज़ाद भारत की पहली जनगणना 1951 से शुरू होकर 1961, 1971, 1981, 1991, 2001 तक हुई। 2021 की 8वीं जनगणना कोविड-19 की महामारी के कारण नहीं हुई, जो अब 2026-27 में होगी।
आओ सभी भारत निवासी जनगणना 2026-27 के बारे में सही जानकारी देकर भारत देश की तरक्की में अपना योगदान डालें। 

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