खिलौने खरीदते समय दिखाएं समझदारी
बचपन में बच्चे खिलौनों से न खेलें तो उनका बचपन अधूरा सा रहता है। खिलौना अपने आप में ऐसी चीज़ है, जो बच्चों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
माता-पिता को चाहिए कि बच्चों को खिलौने दिलाते समय यह ध्यान रखें कि उस खिलौने का महत्त्व बच्चे के लिए कितना है। खिलौने खरीदने से पहले ध्यान दें कुछ मुख्य बातों पर:-
नन्हें शिशुओं के लिए खिलौने ऐसे खरीदें जो नुकीले, भारी या जल्दी टूटने वाले न हों। झूमर, झुनझुने, टीदर, आवाज़ करने वाली गुड़िया या अन्य खिलौने ऐसे लें जिनकी आवाज़ अधिक तीखी न हो।
एक साल से दो साल तक के बच्चों के लिए ऐसे खिलौने खरीदें, जिनको धागे से खींचकर वे चला सकें जैसे चाबी वाले, बैट्री वाले, कुछ ज्ञान बढ़ाने वाले खिलौने ही खरीदें।
बच्चों के लिए बहुत महंगे खिलौने खरीदना समझदारी नहीं है क्योंकि बच्चे एक ही खिलौने से जल्दी ऊब जाते हैं इसलिए कम कीमत के अच्छे खिलौने उन्हें समय-समय पर दिलवाते रहें।
एक ही तरह के खिलौनों का ढेर मत लगाएं। अधिक खिलौने बच्चों को एक साथ देने पर बच्चा स्वयं उलझन में रहता है कि किससे खेले।
बच्चों के लिए साल भर में दो तीन खिलौने खरीदें। खिलौने खरीदते समय ध्यान दें कि खिलौने अधिक पेंच वाले न हों। ऐसा न हो कि बच्चे उन्हें खोल तो लें पर पुन: उन्हें ठीक न लगा सकें।
कुछ खिलौने या गेम्स इस प्रकार की लें जिनसे आप भी बच्चों के साथ खेलने में शामिल हो सकें ताकि बच्चों को खेलते समय माता-पिता का साथ भी मिल जाए।
बच्चों को खिलौने संभल कर खेलने और फिर संभालने की शिक्षा दें ताकि कुछ समय बाद उनके पास खिलौनों का अच्छा खास खासा कलेक्शन हो जाए।
इलेक्ट्रानिक खिलौनों की देखभाल बच्चों को भी समझाएं ताकि वे जल्दी-जल्दी न बिगड़ें। (उर्वशी)



