जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई न हो, सरकार अधिग्रहण पर विचार करे - मौलाना सैफ अब्बास
लखनऊ, 19 जुलाई - शिया धार्मिक नेता मौलाना सैफ अब्बास ने जौहर यूनिवर्सिटी विवाद को लेकर सरकार से बुलडोजर कार्रवाई न करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी एक शिक्षा का मंदिर है और सरकार को कंपाउंडिंग की प्रक्रिया पूरी कर विश्वविद्यालय को संचालित रहने देना चाहिए।
मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि यदि सरकार को विश्वविद्यालय के प्रबंधन को लेकर कोई आपत्ति है, तो वह एक परिवार के बजाय समुदाय के लोगों का बोर्ड गठित कर यूनिवर्सिटी को अपने अधीन ले सकती है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की बुलडोजर कार्रवाई से वहां पढ़ने वाले छात्रों का मनोबल टूटेगा और उनकी शिक्षा प्रभावित होगी।
उन्होंने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय से जुड़े कई मुद्दों पर वह खामोश रहते हैं। मौलाना ने कहा कि उनके बयान के बाद ही अखिलेश यादव ने इस मामले पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी।
मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि यदि अखिलेश यादव केवल ट्वीट के माध्यम से मुस्लिम समुदाय का समर्थन करना चाहते हैं, तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में मुस्लिम मतदाता भी उन्हें "ट्वीट के जरिए वोट" देंगे।
हालांकि, जौहर यूनिवर्सिटी विवाद और इस पर जारी कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। मामले पर सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

