भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में की गई नई नियुक्तियों की व्यापक स्तर पर चर्चा हुई है। इनके नामों पर दृष्टिपात करते हुए यह ज़रूर पता चलता है कि इनमें जहां विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का यत्न किया गया है, वहीं अलग-अलग राज्यों की प्रतिनिधित्व को भी सुनिश्चित बनाया गया है। वर्ष 2024 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने तीसरी बार शपथ ग्रहण की थी। एक बड़े, बेहद जटिल, कई धर्मों और अनेकानेक जातियों-समुदायों वाले इस देश में 5-5 वर्ष के अन्तराल के बाद लगातार तीसरी बार देश की बागडोर सम्भालना बड़ी आश्चर्यजनक बात ज़रूर है। आज भी सरकार के सामने अनेकानेक चुनौतियां खड़ी दिखाई दे रही हैं। चाहे भाजपा ने राजनीतिक रूप से अन्य बड़ी पार्टियों को हाशिये पर ला खड़ा किया है, परन्तु विगत दिवस दिल्ली के जंतर-मंतर में हवा से ही नई उभरी कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी।
आज युवा वर्ग के सामने मुख्य मुद्दे नौकरियों के साथ-साथ शिक्षा के हैं। मोदी सरकार देश में गरीबी कम करने के आंकड़े पेश करती रही है परन्तु लगातार किए गए वायदों के बावजूद यह देश की बड़ी समस्या बनी बेरोज़गारी के साथ प्रभावशाली ढंग से निपटने में असमर्थ रही है। विश्व भर में सबसे बड़ी जनसंख्या वाले इस देश में आने वाले समय में भी रोज़गार का मामला एक बड़ी समस्या बना रहेगा। सरकार को मिल रहीं ऐसी चुनौतियों के दृष्टिगत ही भाजपा द्वारा नई टीम बनाते समय इन चुनौतियों को भी ध्यान में रखा गया है। नितिन नबीन को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने मात्र 7 माह हुए हैं, जिसके बाद पार्टी द्वारा इस टीम की घोषणा की गई है। आगामी वर्ष में कुछ राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के चुनाव इसलिए बड़ा महत्त्व रखते हैं, क्योंकि इस राज्य के विधानसभा चुनाव का प्रभाव पूरे देश की राजनीति पर स्पष्ट देखा जाता रहा है। इसलिए नई टीम में उत्तर प्रदेश के प्रत्येक तरह के प्रतिनिधित्व को सामने रखा गया है। इसलिए इस टीम में 2 महत्त्वपूर्ण मुस्लिम चेहरों को भी स्थान दिया गया है। डा. तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली इस टीम के सदस्य हैं। डा. तारिक अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर रह चुके हैं, को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घोषित किया गया है और कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चे का अध्यक्ष बनाया गया है। ये दोनों ही मुस्लिम नेता उत्तर प्रदेश से संबंधित हैं। मोदी सरकार ने संसद और राज्यों में महिलाओं के अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित बनाने का भी दावा किया है। अपनी नई टीम में नितिन नबीन ने महिलाओं की संख्या भी बढ़ाई है और उन्हें उच्च पद भी दिए हैं। इस टीम में 12 महिलाएं शामिल हैं, जो अपने-अपने क्षेत्र में भारी प्रभाव रखती हैं। विगत अवधि में पार्टी ने यह भी महसूस किया है कि आज इलैक्ट्रॉनिक के दौर में पार्टी का ज्यादा प्रभाव डिजिटल ढंग-तरीकों से ही बनाया जा सकता है। कॉकरोच जनता पार्टी ने भी इस माध्यम का भारी उपयोग किया था। उस समय यह महसूस किया गया था कि भाजपा का आई.टी. सैल अपना पूर्ण प्रभाव नहीं दिखा सका। इसलिए इसके प्रभारी अमित मालविया को हटाकर दीपक महस्के को यह पद दिया गया है।
भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पंजाब में भी अपना प्रभाव बनाने के यत्न में है। प्रदेश से संबंधित रहे तीन वरिष्ठ नेताओं को विशेष पद दिए गए हैं। मनप्रीत सिंह बादल जो पहले अकाली दल में थे, ने एक समय अपनी पंजाब पीपल्ज़ पार्टी बना ली थी। उसके बाद वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे। फिर वह कुछ वर्ष पहले ही भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाने को भी पंजाब के आगामी चुनाव के संदर्भ में ही देखा जा सकता है। अमृतसर से संबंधित रहे तरुण चुघ को इस राष्ट्रीय पार्टी में उच्च पद से नवाज़ा जाता रहा है। अब उन्हें राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी घोषित करना एक अहम कदम माना जा रहा है। संदीप पाठक को भी राष्ट्रीय सचिव का पद दिया गया है। वह भी विगत लम्बी अवधि तक पंजाब में सक्रिय रहे हैं। प्रदेश में आम आदमी पार्टी की हुई बड़ी जीत में संदीप पाठक की अहम भूमिका मानी जाती रही है। इस नई टीम से कुल मिलाकर यह प्रभाव ज़रूर बन गया है कि भाजपा देश भर में अपने प्रभाव को बनाए रखने के लिए यत्नशील होने के साथ-साथ पूरी तरह सुचेत होकर देश की राजनीति में विचरण करने का यत्न कर रही है।
—बरजिन्दर सिंह हमदर्द

