पंचकूला में बढ़ता आवारा कुत्तों का आतंक चिंता का विषय : सुधा भारद्वाज
पंचकूला, 21 सितंबर (कपिल)- पंचकूला शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और लगातार सामने आ रहे डॉग बाइट के मामलों ने आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। हरियाणा महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्षा सुधा भारद्वाज ने प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए तत्काल ठोस एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने की मांग की है।
सुधा भारद्वाज ने कहा कि पंचकूला की लगभग हर गली और मोहल्ले में आवारा कुत्तों के झुंड देखने को मिलते हैं, जिससे राहगीरों, बुजुर्गों और छोटे बच्चों के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है। डॉग बाइट की घटनाओं में कई बुजुर्ग घायल हो चुके हैं, जबकि बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में भी भय का माहौल है। सुबह की सैर पर निकलने वाले बुजुर्गों तथा स्कूल जाने वाले बच्चों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल पंचकूला तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे हरियाणा में आए दिन डॉग बाइट की घटनाएं सामने आ रही हैं। कहीं बुजुर्गों पर आवारा कुत्तों के हमले हो रहे हैं तो कहीं छोटे बच्चे इनका शिकार बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहरवासियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल होनी चाहिए। आवारा कुत्तों की समस्या अब केवल असुविधा का विषय नहीं रही, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुकी है।
सुधा भारद्वाज ने कहा कि समय-समय पर आवारा कुत्तों की नसबंदी और नियंत्रण के लिए अभियान चलाए जाने की जानकारी सामने आती रहती है, लेकिन यदि इन अभियानों का प्रभाव धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है तो प्रशासन को अपनी पूरी व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए। केवल कागजों पर योजनाएं बनाने या अभियान चलाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पंचकूला में आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए समयबद्ध, वैज्ञानिक और प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। नसबंदी अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ-साथ उसकी नियमित निगरानी की जाए और निर्धारित लक्ष्यों को धरातल पर पूरा करना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि डॉग बाइट की घटनाओं वाले संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, नगर निगम और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए व्यापक व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए।
सुधा भारद्वाज ने कहा कि पंचकूला के बुजुर्गों, बच्चों, महिलाओं और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसलिए इस समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय प्राथमिकता के आधार पर तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की बुनियादी सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ किया जाना आवश्यक है। प्रशासन को अस्थायी कार्रवाई के बजाय ऐसी स्थायी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, जिससे शहरवासियों को आवारा कुत्तों और अन्य आवारा पशुओं के आतंक से वास्तविक राहत मिल सके।

