अन्य खेलों के हित में भी खर्च हो क्रिकेट की आय

भारत में काफी समय से क्रिकेट का खेल बहुत लोकप्रिय है। यह भी हकीकत है कि क्रिकेट को पैसे वाला खेल समझा जाता है और क्रिकेट खिलाड़ियों को अंधाधुंध पैसा और अनेक पुरस्कार, सम्मान  मिलते हैं, जबकि भारत में हाकी सहित अन्य खेलों की आर्थिक स्थिति डावांडोल कही जा सकती है। अकसर हाकी सहित अन्य खेलों के खिलाड़ी सुविधाओं को तरसते रहते हैं। चाहे कि टैनिस को भी पैसे वाला खेल समझा जाता है, परन्तु भारत में इस समय क्रिकेट के माध्यम से मोटी कमाई खिलाड़ियों और खेलों के कर्ता-धर्ता और खेलों को स्पांसर करने वाली कम्पनियों द्वारा की जा रही है, क्रिकेट के मैचों की टिकटें भी अकसर ब्लैक में बिकने के चर्चे होते रहते हैं, जबकि हाकी सहित अन्य खेलों के मैच देखने के लिए दर्शक ढूंढ कर लाने वाली हालत हो जाती है। यूरोप सहित विश्व के बहुसंख्यक देशों में फुटबाल का खेल बहुत प्रचलित है। इन देशों में फुटबाल से मोटी कमाई तो खिलाड़ियों, खेल प्रबंधकों तथा खेलों के कर्ता-धर्ता तथा सरकार को होती है परन्तु इन देशों में फुटबाल से होती मोटी कमाई का कुछ हिस्सा अन्य खेलों की भलाई हेतु उपयोग किया जाता है, जिस कारण इन देशों में एक अच्छा काम यह किया जाता है कि इन देशों में फुटबाल अधिक लोकप्रिय होने के बावजूद फुटबाल के खेल से मिले पैसे के कारण अन्य खेलों की हालत काफी अच्छी होती है। वास्तव में यूरोपियन देशों की सरकारें तथा विश्व के अन्य देशों की सरकारें फुटबाल सहित अन्य खेलों को भी उत्साहित करती हैं। विश्व के 90 के लगभग देशों में फुटबाल खेला जाता है, जबकि क्रिकेट विश्व के सिर्फ एक दर्जन देशों में खेले जाने के चर्चे हैं। इस तरह कहा जा सकता है कि क्रिकेट से फुटबाल का खेल अधिक प्रचलित है। यूरोपियन देशों तथा फुटबाल के खेल प्रचलित वाले देशों की सरकारों की इस बात पर प्रशंसा की जाती है कि वे फुटबाल के खेल से होती कमाई का कुछ हिस्सा अन्य खेलों की भलाई पर लगाती हैं, जिस कारण अन्य खेलें भी उत्साहित होती हैं और इन खेलों के खिलाड़ी भी अनेक सुविधाओं का आनंद लेते हैं। परन्तु अफसोस की बात है कि भारत में ऐसा कोई सिस्टम नहीं है। यह हकीकत है कि भारत में क्रिकेट बहुत लोकप्रिय है और क्रिकेट से संबंधित खिलाड़ियों से लेकर मैच प्रबंधकों तथा स्पांसर कम्पनियों को मोटी कमाई भी हो रही है। इसके अतिरिक्त क्रिकेट खिलाड़ियों को विभिन्न कम्पनियां अपने सामान की इश्तिहारबाजी करने हेतु भी लाखों रुपए देती हैं परन्तु भारत में क्रिकेट की पूरी कमाई या तो क्रिकेट के लिए प्रयोग कर ली जाती है या फिर यह कमाई जाती कहां है यह तो कमाई करने वाले ही बता सकते हैं। परन्तु भारत में क्रिकेट से होती मोटी कमाई हाकी सहित अन्य खेलों की भलाई हेतु नहीं उपयोग की जाती, जिस कारण भारत में दूसरी खेलों में सुविधाओं की कमी है। चाहिए तो यह है कि जिस तरह यूरोप तथा अन्य देशों में फुटबाल की कमाई का कुछ हिस्सा अन्य खेलों की भलाई हेतु उपयोग किया जाता है, उसी तरह भारत में भी क्रिकेट तथा टैनिस से होती मोटी कमाई का कुछ हिस्सा हाकी  सहित अन्य खेलों की भलाई पर उपयोग किया जाना चाहिए।      

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