गहरी मित्रता क्या होती है ये मैं महसूस कर रहा हूं, मलेशिया में बोले प्रधानमंत्री मोदी

कुआलालंपुर, मलेशिया, 8 फरवरी - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,"मेरे मित्र और मलेशिया के प्रधानमंत्री मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। जिस प्रकार मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया गया। मैंने देखा है कि परंपराओं से हटकर एक प्रकार से मलेशिया के जीवन को आपने कुछ ही घंटों में बहुत बखूबी प्रस्तुत किया और इतने अच्छे से जो आयोजन किया ये हमें हमेशा याद रहना वाला है। इसके लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं मित्रता क्या होती है और मित्रता की ऊंचाई और गहराई क्या होती है ये मैं पूरी तरह अनुभव कर रहा हूं इसके लिए मैं आपका आभारी हूं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज, खेती और मैन्युफैक्चरिंग से लेकर क्लीन एनर्जी और सेमीकंडक्टर तक हमारा सहयोग हर सेक्टर में गहरा रहा है। हम स्किल डेवलपमेंट और कैपेसिटी बिल्डिंग में भी अहम पार्टनर हैं। हमारा रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी लगातार मजबूत हो रहा है। मैं आपको ASEAN की सफल अध्यक्षता के लिए एक बार फिर बधाई देता हूं। हमें भरोसा है कि मलेशिया के सहयोग से ASEAN के साथ हमारे संबंध और गहरे और व्यापक होंगे। हमारे रिश्ते की असली ताकत हमारे लोगों के बीच के संबंधों में है। भारतीय मूल के लगभग 30 लाख मलेशियाई नागरिक हमारे दोनों देशों के बीच एक जीता-जागता पुल हैं। 
कल मुझे आपके साथ प्रवासी भारतीयों से मिलने का भी मौका मिला। यह एक बहुत ही खास अनुभव था, और मैंने देखा कि प्रवासी भारतीयों के मन में आपके लिए कितना सम्मान और प्यार है, जो कल साफ दिख रहा था। मुझे गर्व महसूस हुआ। आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में मित्र देशों का साथ बहुत मायने रखता है। हमारा विश्वास ​​है कि भारत और मलेशिया की तरक्की एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। वैश्विक अस्थिरता के इस माहौल में भारत और मलेशिया, जो दो समुद्री पड़ोसी देश हैं, उनके लिए अपने रिश्तों की पूरी क्षमता का इस्तेमाल करना ज़रूरी है। आज मेरी यात्रा का मुख्य संदेश बहुत साफ है कि भारत मलेशिया के साथ मिलकर अपने रिश्तों को एक नए स्तर पर ले जाना चाहता है और हर मुमकिन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना चाहता है। 

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