भारतीय युवा क्रिकेटरों ने छू लिया आकाश

भारतीय क्रिकेट की अंडर-19 की युवा टीम ने विश्व क्रिकेट की एक-दिवसीय प्रतिस्पर्धा को छठी बार जीत कर न केवल विश्व क्रिकेट के आकाश पर देश का डंका बजाया है, वहीं विश्व क्रिकेट इतिहास के पन्नों पर कई नई इबारतें भी लिखी हैं। भारतीय अंडर-19 की युवा टीम ने इससे पूर्व पांच बार सन 2000, 2008,  2012, 2018 और फिर 2022 में यह चैम्पियनशिप जीती थी। इसी सम्पूर्ण स्पर्धा के दौरान भारतीय क्रिकेट की सनसनी कहे जाते 14 वर्षीय युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने एक ओर जहां अनेक नये रिकार्ड बनाये, वहीं कई अन्य रिकार्ड ध्वस्त किये। उसने अंडर-19 की विश्व स्पर्धा में 175 दौड़ों का दूसरा बड़ा निजी रिकार्ड बनाया, वहीं 80 गेदों की इस पारी में 15 छक्कों और 15 चौकों का एक नया रिकार्ड भी स्थापित किया। वैभव सूर्यवंशी ने अपना अर्ध-शतक भी रिकार्ड 32 गेंदों में पूरा किया जबकि अगला अर्ध-शतक मात्र 23 गेंदों में निपटा कर अपना शतक केवल 55 गेंदों में पूरा किया। बाएं हाथ का वैभव सूर्यवंशी बिहार की धरती का लाल है। उसके दो आदर्श खिलाड़ी विराट कोहली और युवराज सिंह हैं, और अपना शतक पूरा करने के बाद उसने पहला आभार विराट कोहली के प्रति उसी के अन्दाज़ में व्यक्त किया।
नि:संदेह सूर्यवंशी ने यह अद्वितीय पारी तब खेली जब फाइनल के चिर-परिचित तनाव के बीच पहले खेलते हुए भारतीय टीम की पहली विकेट केवल 20 के स्कोर पर गिर गई थी। सूर्यवंशी पर भारतीय जीत की आशाएं पहले से निर्भर होने के बावजूद उसने तनाव को भारी नहीं पड़ने दिया, और उसकी इसी खेल भावना ने अन्य खिलाड़ियों को प्रभावित किये रखा जिस कारण भारतीय टीम अपने रन-स्कोर को पूरे पचास ओवर के बाद 411 पर ले गई। यह भी एक रिकार्ड रहा कि भारतीय टीम ने अंडर-19 की अब तक की सभी प्रतिस्पर्धाओं में किसी भी एक टीम के तौर पर सर्वाधिक रन बनाये। भारतीय टीम ने इससे पहले 2022 की प्रतिस्पर्धा भी इंग्लैंड की शक्तिशाली टीम को हरा कर जीती थी, और इस बार भी उसने इंग्लैंड को ही पराजित किया। इंग्लैंड ने भी अपने अब तक के सेमी-फाइनल सफर तक प्राय: सभी टीमों को हरा कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया था।
इस स्पर्धा का एक और गर्वपूर्ण पल वह भी रहा जब लीग मैचों में भारतीय टीम ने पाकिस्तानी टीम को बड़ी सहजता से हरा दिया था। इस प्रकार भारत ने क्रिकेट के तीनों रूपों में पिछली तीनों स्पर्धाओं में पाकिस्तान को हराया है। भारत ने इससे पूर्व जून 2024 में पुरुष टी-20 की विश्व कप चैम्पियनशिप जीती थी। फिर फरवरी 2025 में अंडर-19 की महिला टी-20 विश्व स्पर्धा जीती। नवम्बर 2025 महिला वन-डे कप भी भारत ने जीता था। मौजूदा हरारे की फतेह देश के लिए इसलिए भी बेहद अहम है कि सात जनवरी, 2026 को भारत और श्रीलंका के सांझे आयोजन में टी-20 विश्व कप का आयोजन शुरू हो चुका है। इसके अपने पहले मैंच में भारत ने अमरीकी टीम को हरा कर अपना पहला लीग मैच जीत लिया है। दूसरा मैच श्रीलंका के मैदान पर पाकिस्तान के साथ होना है जिसे लेकर पाकिस्तान ने भारत के साथ खेलने से इन्कार कर रखा है। नि:संदेह हरारे की इस जीत ने टी-20 खेलने जा रही भारतीय टीम के खिलाड़ियों के मनोबल को बहुत सही सीमा तक बढ़ाया होगा।
नि:संदेह क्रिकेट सनसनी बन कर उभरे वैभव सूर्यवंशी और देश की पूरी टीम के खिलाड़ियों को लेकर, इस पूरी स्पर्धा के दौरान की यादों के जुगनू अगले कई वर्षों तक चमकते रहेंगे जब तक कि कोई और विश्व रिकार्ड भारतीय क्रिकेट के साथ नहीं जुड़ जाता। इस रिकार्ड जीत में सूर्यवंशी के अतिरिक्त अम्बरीश, आयुष म्हात्रे और दीपेश का योगदान भी अहम रहा। यूं, हम समझते हैं कि पूरी टीम ने लीग मैचों से लेकर फाइनल तक, सभी मैचों में, बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी और क्षेत्र-रक्षण, सभी क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन किया। खेलों का किसी भी देश और कौम के इतिहास में बड़ा महत्त्व होता है। खेलें जहां युवाओं के मन-मस्तिष्क में उत्साह एवं जोश का सृजन करने में सहायक होती हैं, वहीं खेलों ने अधिकतर इतिहास भी सृजित किये हैं। भारत में मौजूदा दौर खेलों के प्रति सुकून पैदा करने वाला है। क्रिकेट, फुटबाल और हॉकी के इलावा अन्य कई प्रतिस्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने देश के राष्ट्रीय ध्वज को ऊंचे फहराने का अवसर प्रदान किया है। बेशक देश और कई राज्यों खासकर पंजाब की सरकार ने खिलाड़ियों के लिए अनेकानेक सुविधाओं और अवसरों का सृजन किया है। नकद धन-राशि और नौकरी आदि मिलने से खिलाड़ियों ने भी मेहनत के बल पर अनेक अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाएं जीती हैं। अब हरारे में अंडर-19 क्रिकेट के मैदान में इंग्लैंड को हरा कर, विश्व चैम्पियन बनने वाली भारतीय क्रिकेट टीम को हम अजीत प्रकाशन समूह की ओर से बधाई देते हुए कामना करते हैं कि भविष्य में भी देश खेलों के क्षेत्र में आसमानों को छूता रहे।

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