चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान क्षेत्र के लिए 1220 करोड़ रुपये का बजट
चंडीगढ़, 8 मार्च -वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान क्षेत्र के लिए 1220 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है।
टिकाऊ फसल पैटर्न को बढ़ावा देने के अपने निरंतर प्रयास के हिस्से के रूप में, छह जिलों - पठानकोट, गुरदासपुर, बठिंडा, संगरूर, जालंधर और कपूरथला में धान से खरीफ मक्का की ओर रुख करने को प्रोत्साहित करने वाली एक पायलट परियोजना लागू की गई है, जिसमें 17,500 रुपये प्रति हेक्टेयर का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस उद्देश्य के लिए 15 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
पराली प्रबंधन के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 600 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित है। किसान समुदाय के प्रति अपनी दृढ प्रतिबद्धता को जारी रखते हुए, निःशुल्क और सब्सिडी वाली बिजली के प्रावधान के लिए, कृषि के लिए विजली सब्सिडी के लिए 7,715 करोड़ का आवंटन किया गया है।
बागवानी परिवर्तन को गति देने के लिए, राज्य जेआईसीए (JICA) के सहयोग ने अगले 10 वर्षों में कुल 1,300 करोड़ रुपये की लागत से एक केंद्रित कार्यक्रम लागू करेगा , ताकि पूरे पंजाब में जलवायु-लचीला और उच्च-मूल्य वाली वागवानी को बढ़ावा दिया जा सके। मुझे पंजाब में इस परिवर्तनकारी पहल की शुरुआत की घोषणा करते हुए अत्यधिक गर्व हो रहा है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2035 तक फलों, सब्जियों, फूलों और औषधीय फसलों के अंतर्गत क्षेत्रफल को 4.59 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 17.34 लाख हेक्टेयर करना है, जो लगभग 300% की वृद्धि है। साथ ही, इसके तहत कुशल सिंचाई, एकीकृत कीट प्रबंधन और जैविक खेती जैसी टिकाऊ पद्धतियों को भी मजबूत किया जाएगा। यह परियोजना इस क्षेत्र में अत्यंत आवश्यक पूंजी लाएगी और नवीनतम बीजों, नर्सरी, अनुसंधान, अत्याधुनिक शामिल है।

