अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है नोएडा एयरपोर्ट

 

घने कोहरे और बारिश में होगी उड़ान और लैंडिंग
नई दिल्ली, 28 मार्च -  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में घने कोहरे, बहुत कम विजिबिलिटी और बारिश के दौरान भी विमानों की उड़ान और लैंडिंग हो सकेगी। एयरपोर्ट में इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) के सबसे हाई लेवल तकनीकि सिस्टम कैट थ्री का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीकि के जरिए कम दृश्यता में भी सुरक्षित लैंडिंग कराई जाती है। आमतौर पर पायलट इस तकनीकि का इस्तेमाल तब करते हैं, जब उन्हें बाहर कुछ भी दिखाई न दे रहा हो और लैंडिंग के लिए पूरी तरह से उन्हें तकनीकि पर निर्भर होना पड़ता है।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है नोएडा एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि लोगों को देश दुनिया में इस्तेमाल होने वाली अत्याधुनिक का लाभ और सुविधाएं दी जा सकें। जैसे-जैसे एयरपोर्ट का काम आगे बढ़ेगा, इसका स्तर और ऊपर उठता जाएगा। एक्सपर्ट टीम उद्घाटन के बाद उड़ानें शुरू करने की तैयारियों में भी तेजी से काम कर रही है। -शैलेंद्र भाटिया, एसीईओ, यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण व नोडल अधिकारी एयरपोर्ट

एक घंटे में लैंडिंग और उड़ान भर सकेंगे 30 विमान
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में सामानांतर उड़ानों की सुविधा रहेगी। वहीं एयर ट्रैफिक और यात्रियों का भार ज्यादा होने पर जब इसे पूरी क्षमता से चलाया जाएगा तो यहां से एक घंटे में 30 विमान लैंडिंग करने के साथ ही उड़ान भर सकेंगे। जिससे यात्रियों को समय से उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सकेगा। एयरपोर्ट की तकनीकि टीम उद्घाटन के बाद इसके लिए अपने ट्रायल शुरू कर देगी।

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