खतरनाक कुत्तों को जानलेवा टीके लगाए जाने चाहिए - सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली, 19 मई - सुप्रीम कोर्ट ने आज आवारा कुत्तों के मुद्दे से जुड़ी सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि खतरनाक और बीमार कुत्तों को वैक्सीनेशन से मारा जा सकता है। इंसानी जान की सुरक्षा सबसे ज़रूरी है। जो भी अधिकारी इन निर्देशों का उल्लंघन करता है, उस पर कंटेम्प्ट का चार्ज लगना चाहिए।

कोर्ट ने यह भी कहा कि अकेले राजस्थान के श्रीगंगानगर शहर में एक महीने के अंदर कुत्तों के काटने की 1,084 रिपोर्ट मिलीं। रिपोर्ट से पता चलता है कि छोटे बच्चों को गंभीर चोटें आईं, जिसमें चेहरे पर गहरे घाव भी शामिल हैं। तमिलनाडु में साल के पहले चार महीनों में कुत्तों के काटने की लगभग 200,000 रिपोर्ट मिलीं।

जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एन.वी. अंजारिया की बेंच ने मामले की सुनवाई की। पिछली सुनवाई 29 जनवरी को हुई थी, जहां बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान राज्यों, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) और एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ़ इंडिया (AWBI) ने दलीलें पेश कीं।

कोर्ट ने कहा कि अगर किसी आवारा कुत्ते के हमले में कोई घायल होता है या उसकी मौत हो जाती है, तो नगर निगम के साथ-साथ कुत्तों को खाना खिलाने वालों पर भी ज़िम्मेदारी तय की जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि हमारी बातों को मज़ाक समझना गलत होगा। हम गंभीर हैं। कोर्ट ज़िम्मेदारी तय करने में हिचकिचाएगा नहीं, क्योंकि मौजूदा सिस्टम ने लोकल एडमिनिस्ट्रेशन की नाकामी को सामने ला दिया है।

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