विदेश जाने के सपने ने रचा ठगी का जाल, 2 साल बाद मिला न्याय का रास्ता
जीरकपुर, 7 जून (अली) – विदेश में नौकरी और अच्छे भविष्य के सपने दिखाकर युवाओं को ठगने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जीरकपुर में हाल ही में दर्ज हुए एक मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बिना जांच के इमिग्रेशन एजेंट पर भरोसा करना कितना महंगा पड़ सकता है।
जानकारी के मुताबिक, एक युवक 2023 से विदेश जाने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान उसे पहले क्रोएशिया, फिर पुर्तगाल और बाद में रूस में नौकरी दिलाने के सपने दिखाए गए। नौकरी और वर्क वीजा के नाम पर उससे लाखों रुपये ऐंठ लिए गए। युवक एजेंटों के भरोसे पर पैसे जमा करता रहा, लेकिन उसे न तो विदेश भेजा गया और न ही कोई नौकरी मिली। मामले में नया मोड़ तब आया जब पीड़ित ने खुद अपने डॉक्यूमेंट्स चेक करवाए। जांच में पता चला कि जिस डॉक्यूमेंट को वर्क वीजा बताया जा रहा था, वह असल में स्टडी वीजा था। इसके बाद युवक को अपने साथ हुई कथित धोखाधड़ी का एहसास हुआ।
सूत्रों के मुताबिक, रकम वापस करने के लिए दिए गए दो चेक भी बाउंस हो गए। इसके बाद मामला पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट तक पहुंचा। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। सामाजिक जानकारों का कहना है कि विदेश जाने की जल्दबाजी और पूरी जानकारी न होने के कारण कई युवा ऐसे एजेंटों के जाल में फंस जाते हैं। यह मामला युवाओं के लिए एक चेतावनी है कि किसी भी एजेंट को पैसे देने से पहले उसकी असलियत और दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लें।

