ओडिशा: रथ यात्रा अनुष्ठानों के लिए गुंडिचा मंदिर में शाम छह बजे के बाद श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद
पुरी, 23 जुलाई (भाषा) ओडिशा के पुरी स्थित गुंडिचा मंदिर में बृहस्पतिवार शाम छह बजे से श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद रहेगा। यह भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन की वापसी की'बहुड़ा यात्रा की तैयारियों के तहत किया जा रहा है। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने कहा कि बहुड़ा यात्रा से पहले मंदिर के शुद्धीकरण और अन्य अनुष्ठानों को संपन्न कराने के लिए प्रवेश बंद करना जरूरी है।
एसजेटीए ने एक बयान में कहा, इस अवधि के दौरान मंदिर परिसर के अंदर प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे अनुष्ठानों के सुचारू संचालन के लिए मंदिर प्रशासन का सहयोग करें। मंदिर प्रशासन ने अनुष्ठानों के आयोजन में सहयोग और समन्वय के लिए सेवायतों का आभार भी व्यक्त किया। यह श्रद्धालुओं के लिए'अदपा मंडप में देवी-देवताओं के दर्शन का आखिरी दिन था, जहां रथ यात्रा के बाद से भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के विग्रह विराजमान हैं।
सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं, क्योंकि यह दिन'संध्या दर्शन के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसे भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन की वापसी यात्रा शुरू होने से पहले उनके आशीर्वाद प्राप्त करने का अंतिम अवसर माना जाता है। मंदिर के एक अधिकारी ने कहा, Þसंध्या दर्शन रथ यात्रा के सबसे आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण आयोजनों में से एक है, क्योंकि गुंडिचा मंदिर से करीब 2.6 किलोमीटर दूर स्थित जगन्नाथ मंदिर में वापसी से पहले श्रद्धालु देवी-देवताओं का अंतिम आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। बहुड़ा यात्रा के दौरान शुक्रवार को देवी-देवताओं को उनके-अपने रथों पर वापस जगन्नाथ मंदिर ले जाया जाएगा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ आने की संभावना को देखते हुए पुलिस, नागरिक प्रशासन और मंदिर प्राधिकारियों ने सुरक्षा तथा भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। इस बीच, तीनों रथों का'दखिन मोड़ (दक्षिण दिशा की ओर मोडऩे की प्रक्रिया) बुधवार को पूरा हो गया, जिससे उन्हें वापसी यात्रा के लिए तैयार कर दिया गया। एडीजीपी सौमेंद्र प्रियदर्शी ने कहा कि बहुड़ा यात्रा के लिए सभी इंतजाम रथ यात्रा के दौरान किए गए प्रबंधों के समान हैं। उन्होंने कहा, उत्सव को सुचारू तरीके से संपन्न कराने के लिए विशेष रूप से भीड़ नियंत्रण दल तैनात किए गए हैं।

