हाईकोर्ट में आज होगी एल.पी.यू. हिंसा मामले की सुनवाई
जालंधर, 8 अक्टूबर (दविंदर) - पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एल.पी.यू.) हिंसा मामले की सुनवाई करेगा। पंजाब सरकार की ओर से हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश किए जाने की उम्मीद है। सरकार को हिंसा के वास्तविक कारण और आरोपियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी देनी होगी। हिंसा को लेकर सरकार की ओर से हाईकोर्ट में एक विस्तृत हलफनामा भी दाखिल किया जा सकता है।
हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में दावा किया गया है कि विरोध प्रदर्शनों की आड़ में जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान की सीमा से लगे अन्य राज्यों से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग को रोकने से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। इस मामले में सीबीआई जांच की भी मांग की गई है।
कपूरथला पुलिस ने अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस प्रशासन ने अभी तक फरहत देव को गिरफ्तार नहीं किया है, जिसे हिंसा का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें जम्मू-कश्मीर में छापेमारी कर रही हैं।
26 सितंबर, 2026 की रात सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया था कि एल.पी.यू. हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ बाहर से आए प्लंबर ने दुष्कर्म किया है। इस जानकारी से हजारों छात्र गुस्से में आ गए। उन्होंने विश्वविद्यालय के अंदरूनी हिस्सों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, कैंपस में यूनि मॉल में तोड़फोड़ की और दुकानों में लूटपाट की। प्रदर्शनकारियों ने जालंधर-फगवाड़ा मार्ग पर 18 घंटे से अधिक समय तक राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को जाम रखा, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
सोशल मीडिया पर कथित तौर पर दुष्कर्म की शिकार बताई गई छात्रा ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें उसने अपनी सुरक्षा की पुष्टि की और कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई। इससे पुलिस के सामने यह सवाल खड़ा हो गया कि आखिर इस मामले में वास्तविक पीड़ित कौन है?
आगजनी और हिंसा के संबंध में कुल चार एफआईआर दर्ज की गई हैं और 8 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर क्राइम विभाग ने भड़काऊ और फर्जी एआई वीडियो फैलाने वाली करीब 300 सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने के लिए भी कार्रवाई की है।
हिंसा और तनाव को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने एल.पी.यू. की कक्षाएं 10 दिनों के लिए स्थगित कर दी थीं, मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थीं और छात्रों को घर वापस जाने की अनुमति दी गई थी। अब छात्र विश्वविद्यालय लौट चुके हैं और तोड़फोड़ से हुए नुकसान की मरम्मत का काम जारी है।

