कहानी कांच की


कांच की कहानी सदियों पुरानी है, इसे सबसे पहले कौन से देश ने बनाया और इसके आविष्कारक का क्या नाम था? इस संदर्भ में इतिहास में ऐसा कोई प्रमाण दर्ज नहीं है। इतिहास से सिर्फ यही विदित होता है। ईसा के 2600 वर्ष पूर्व भी कांच बनाया गया था। 
प्राचीन रोम के राजमहलों में कांच से निर्मित हन्डे, झाड़, फानूस, शक्ल निहारने के शीशे, कटोरे, बोतलें, सुराही, फूलदान, खिलौने, मूर्तियां, मर्तवान आदि मौजूद थे। उस समय कांच से निर्मित तमाम चीजों को शाही श्रेणी में गिना जाता था। यदि कोई कांच की चीज़ों को गलती से तोड़-फोड़ देता तो उसे सज़ा भी मिला करती थी। हमारे देश के भी कई प्राचीन राजमहलों में कांच से बनी कई चीजों का चलन था।
कांच कैसे बनता है?
 आओ, जरा यह भी जान लें
कांच के निर्माण में तीन पदार्थों का मिश्रण काम में लाया जाता है। ये है सिलिका, सोडियम कार्बोनेट और कैल्शियम कार्बोनेट। इन तीनों पदार्थ को अच्छी तरह पीस लिया जाता है। इसके बाद मिश्रण को बड़ी-बड़ी भट्ठियों में पिघलाया जाता है। जब यह पूरी तरह पिघल जाता है, तो इसे विभिन्न  रूपों में ढाल लिया जाता है। इस प्रकार तैयार ठोस पदार्थ ही कांच कहलाता है।
वैसे कांच से तरह-तरह की उपयोगी चीजें बनाई जाती हैं। कांच की बहुत सी किस्में होती हैं। रंगीन कांच बनाने के लिए उसमें तरह-तरह के रंग पैदा करने वाले रसायन मिलाये जाते हैं तथा उनसे तरह-तरह के सुन्दर चमकीले रंगीन कांच प्राप्त किए जाते हैं। 
प्रयोगशालाओं में प्रयुक्त होने वाले अधिकांश उपकरण कांच के ही बने होते हैं। कांच से निर्मित शीशियों में ही विभिन्न प्रकार की दवाइयों व रसायन रखे जाते हैं। रात के अन्धेरों में रोशनी करने वाले बल्ब भी कांच से ही बनाये जाते हैं। कांच से कई तरह के ‘शो पीस’ भी बनाये जाते हैं। दुनिया को जगमगाने और खूबसूरत बनाने मं कांच का योगदान भी अमूल्य है।
—अर्चना जैन