2029 के चुनाव के लिए तैयार हैं भाजपा के नये अध्यक्ष नितिन नबीन

भाजपा के सांगठनिक ढांचे में आज एक बड़ा ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन आज 19 जनवरी को देश की राजधानी स्थित भाजपा मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इस कार्यक्रम को न केवल एक औपचारिक प्रक्रिया है। अगर सबकुछ तय रणनीति के मुताबिक रहा, तो 20 जनवरी को भाजपा को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल जाएगा यानि जब आप यह लेख पड़ रहे होंगे तब तक नये अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन के नाम की घोषणा हो चुकी होगी क्योंकि  नितिन नबीन के निर्विरोध चुने जाने की पूरी संभावना है और ऐसा हुआ तो वे भाजपा के इतिहास में सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाएंगे।
ज्ञात हो कि जेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और विभिन्न राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों वाले एक इलेक्टोरल कॉलेज द्वारा किया जाता है। पूरी प्रक्रिया पार्टी के राष्ट्रीय रिटर्निंग ऑफिसर की देखरेख में होती है। भाजपा संविधान के अनुसार इस पद के लिए उम्मीदवार का नाम किसी राज्य के इलेक्टोरल कॉलेज के कम से कम 20 सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से प्रस्तावित किया जाना चाहिए। नामांकित व्यक्ति ने पार्टी के सक्रिय सदस्य के रूप में चार कार्यकाल पूरे किए हों और उसकी न्यूनतम 15 साल की सदस्यता होनी चाहिए।
संविधान में आगे यह भी कहा गया है कि ऐसा संयुक्त प्रस्ताव कम से कम पांच राज्यों से आना चाहिए जहां राष्ट्रीय परिषद के चुनाव पहले ही पूरे हो चुके हैं। शुक्रवार को चुनाव कार्यक्रम जारी करते हुए, पार्टी के राष्ट्रीय रिटर्निंग ऑफिसर के लक्ष्मण ने कहा था, ‘यदि आवश्यक हुआ तो 20 जनवरी को मतदान होगा और उसी दिन नए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।’ कौन हैं नितिन नवीन? नितिन नवीन बिहार के एक सीनियर भाजपा नेता हैं, जिनकी राजनीतिक जड़ें बहुत मज़बूत हैं। पटना में जन्मे, वह स्वर्गीय नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के बेटे हैं- जो एक सम्मानित नेता और पूर्व विधायक थे। अपने पिता की अचानक मौत के बाद उन्होंने एक्टिव राजनीति में कदम रखा और धीरे-धीरे अपनी राजनीतिक पहचान बनाई। उन्होंने पटना में बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है। नवीन को राज्य में भाजपा के सबसे भरोसेमंद नेताओं में से एक माना जाता है। उन्होंने 2006 में उपचुनाव जीतने के बाद 2010, 2015, 2020 और 2025 में लगातार चार विधानसभा चुनाव जीते हैं। हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में, नवीन ने बांकीपुर से शानदार जीत हासिल की और अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी को 51,000 से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया। उनकी लगातार चुनावी सफलता ने पार्टी के अंदर उनकी स्थिति को और मज़बूत किया है। फिलहाल नवीन बिहार में नितीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में सड़क निर्माण और शहरी विकास विभाग संभाल रहे हैं।
यहां यह बताना ज़रूरी है कि नवीन को जेडी(यू) के साथ भाजपा के गठबंधन को मैनेज करने और एनडीए की चुनावी जीत में अहम भूमिका निभाने का श्रेय दिया जाता है। बिहार के अलावा नवीन छत्तीसगढ़ में भाजपा के प्रभारी भी रह चुके हैं, जो पार्टी के राष्ट्रीय ढांचे में उनके बढ़ते प्रभाव को दिखाता है। गौरतलब है कि भाजपा आलाकमान ने नितिन नबीन को अपना नया राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का बड़ा फैसला केवल संगठनात्मक स्तर पर नहीं लिया, बल्कि देश की राजनीति को भी एक स्पष्ट संदेश दिया है। संदेश यह कि भाजपा में नेतृत्व का रास्ता उम्र या वंश नहीं, बल्कि मेहनत, ऊर्जा और संगठनात्मक क्षमता से तय होता है। महज 45 वर्ष की उम्र में नितिन नबीन को यह जिम्मेदारी देकर पार्टी ने यह साबित कर दिया है कि भाजपा भविष्य की राजनीति को ध्यान में रखते हुए युवा नेतृत्व तैयार करती है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की कमान 83 वर्ष के मल्लिकार्जुन खड़गे के बुजुर्ग कंधों पर है।
भाजपा में नितिन नबीन को अध्यक्ष बनाने का फैसला एक नियुक्ति नहीं बल्कि भाजपा में पीढ़ीगत बदलाव की शृंखला का प्रतीक भी है। 1980 में स्थापना के बाद पहले अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और कुशाभाऊ ठाकरे जैसे नेताओं के नेतृत्व में पार्टी ने अपनी वैचारिक और सांगठनिक नींव मजबूत की। उनके बाद नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह, वैंकया नायडू, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, नितिन गडकरी, जे.पी. नड्डा, अमित शाह जैसी दूसरी पीढ़ी ने धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, देवेंद्र फडणवीस, योगी आदित्यनाथ, प्रह्लाद जोशी और अनुराग ठाकुर जैसी तीसरी पीढ़ी के साथ मिलकर पार्टी में संगठनात्मक विस्तार कर सत्ता तक पहुंचाया। अब चौथी पीढ़ी के रूप में युवा नितिन नबीन की ताजपोशी के साथ भाजपा ने औपचारिक रूप से नेतृत्व की कमान सौंप दी है। भले ही नितिन नबीन का अध्यक्षीय कार्यकाल 3 साल का है जो जनवरी 2029 में पूरा होगा लेकिन इतना तो तय है कि 2029 का लोकसभा चुनाव उनके ही नेतृत्व में लड़ा जाएगा।

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