ट्रम्प की नई विश्व रणनीति के असल मायने

अमरीका में जब भी नया राष्ट्रपति बनता है तो वह नई राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के नाम पर अपनी राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय रणनीति लाता है। अब जब डोनाल्ड ट्रम्प दोबारा राष्ट्रपति बने तो वह भी अपनी नई राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति (एन.एस.एस.) लेकर आए। अमरीका की यह विश्व रणनीति मैनरो सिद्धांत (1823) के एक ऐतिहासिक घोषणा पत्र का नया रूप है, जिसमें अमरीका ने यूरोप को चेतावनी दी थी कि वह यूरोप, उत्तर तथा दक्षिण अमरीकी महाद्वीप को यूरोपीय बस्तियां बनाने के लिए सैनिक तथा राजनीतिक हस्तक्षेप न करे। इसके बाद अमरीका की आर्थिक और सैन्य ताकत बढ़ने से मैनरो सिद्धांत अमरीका की महासाम्राज्य  युद्ध-नीति का आधार बन गया। 
दुनिया में आर्थिक-सामाजिक-राजनीतिक हालात लगातार बदलते रहते हैं और इन बदलावों के अनुसार दुनिया भर के शासक नए हालातों के हिसाब से अपने शासन करने के तरीके बदलते रहते हैं। अमरीकी साम्राज्य इस समय विश्व की अकेली महासाम्राज्य शक्ति है और जैसे-जैसे दुनिया में आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक हालात बदल रहे हैं, अमरीकी साम्राज्य विश्व स्तर पर अपना दबदबा कायम रखने के लिए अपनी रणनीति बदल रहा है। अमरीका की नई राष्ट्रीय सुरक्षा नीति इन बदल रहे हालात को सम्बोधित होने का एक यत्न है। इस रणनीति का उद्देश्य दुनिया की बड़ी ताकतों अमरीका, चीन, रूस, जापान और यूरोपियन यूनियन के बीच तेज़ आर्थिक मुकाबले, दुर्लभ खनिजों पर एकाधिकार स्थापित करने, एआई, तकनीकी युद्ध, हथियारों की दौड़ में आगे निकलने, दुनिया में गठबंधनों की रणनीति में आगे निकलने की दौड़ और विश्व में प्रभाव बढ़ाने के पैंतरे शामिल हैं। अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति मैनरो सिद्धांत, उनके द्वारा 1823 में लाया गया था, अब उसी नीति को 21वीं सदी की भू-रणनीति के अनुसार बदला जा रहा है। अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति वह मुख्य दस्तावेज है, जो यह निर्धारित करता है कि अमरीका अपनी सुरक्षा, वैश्विक भूमिका, सैन्य ताकत, आर्थिक प्रभुत्व और तकनीकी नेतृत्व को कैसे देखता है और कैसे उपयोग करता है? चाहे प्रत्येक राष्ट्रपति अपनी अलग रणनीति लाता है, लेकिन इसका केंद्रीय तत्व हमेशा एक ही रहा है कि अमरीका का वैश्विक आधिपत्य कैसे बनाए रखना है? एनएसएस यह अवधारणा प्रस्तुत करती है कि विश्व में शांति, आर्थिक स्थिरता और राजनीतिक संतुलन तभी बना रह सकता है जब विश्व अमरीका की प्रधानता को स्वीकार करे। इसके तहत राष्ट्रपति चाहे कोई भी हो, एनएसएस के कुछ स्थायी उद्देश्य हैं, जिनमें वैश्विक स्तर पर अमरीकी शक्ति के अधिक से अधिक प्रभुत्व के साथ विश्व को अमरीका के अधीन रखने, विश्व की बड़ी संस्थाएं संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, नाटो तथा अन्य अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं पर अमरीका का दबदबा कायम रखा जाना चाहिए।  इस अवधारणा में विश्व में अमरीकी ताकत का अंतिम आधार उसकी सैन्य शक्ति, उसके डॉलर का दबदबा, तेल पर टिका हुआ है। सेमीकंडक्टर चिपों और उच्च तकनीकी उत्पादन क्षमता पर उसका नियंत्रण रहे। इसके अलावा समुद्री ताकत, एयर क्राफ्ट कैरियर, नौसेना बेस, हवाई सेना की ताकत और रक्षात्मक साइबर समर्था में अमरीका का दबदबा बनाए रखने के लिए इस रणनीति को और मज़बूत किया जा रहा है। इसका असली मकसद यह है कि कोई भी ताकत, चाहे वह चीन हो या रूस, अमरीकी सैन्य दबदबे को चुनौती न दे सके।
21वीं सदी के नए युद्ध में विश्व में आज अमरीका के तकनीकी आधिपत्य को सैन्य दबदबे से ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। अमरीका की इस रणनीति में प्रमुख तकनीकी क्षेत्र जैसे कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई) क्वांटम कंप्यूटिंग, साइबर ढांचा, सेमीकंडक्टर चिप आदि क्षेत्रों में अपना प्रभुत्व बनाए रखना है। ये सभी चीन के साथ तकनीकी युद्ध का हिस्सा हैं। अमरीका की नई रणनीति का मानना है कि अगर तकनीक पर नियंत्रण खिसक गया तो सैन्य और आर्थिक दोनों शक्तियां ध्वस्त हो जाएंगी। अमरीका चीन को आर्थिक प्रतिस्पर्धी, तकनीकी क्षेत्र में प्रतिद्वंद्वी और एक सैन्य चुनौती के रूप में देखता है। इसलिए अमरीका की नई नीति चीन के खिलाफ ये रणनीतियां निर्धारित करती है।
एनएसएस का उद्देश्य रूस के खिलाफ नाटो का विस्तार करना, यूक्रेन को हथियार और आर्थिक मदद देना, रूस की ऊर्जा बंधन और साइबर घेराबंदी तोड़ना आदि है। एनएसएस मध्य-पूर्व को नियंत्रण करना, इजरायल और मध्य-पूर्व की ऊर्जा की सुरक्षित और आतंकवाद को नियंत्रित करने को अपना मुख्य काम मानती है। यूरोपियन यूनियन के साथ पुराने संबंध बनाए रखना, लेकिन नई रणनीति में यूरोप पर आर्थिक खर्च का बोझ डालने की अमरीकी योजना का हिस्सा है। इसमें यूरोप को चीन से तकनीकी तौर पर दूर रखना और एलएनजी गैस निर्यात के ज़रिए अमरीकी ऊर्ज पर निर्भर बनाना भी शामिल है। विश्व के प्रमुख समुद्री मार्गों (होर्मोज़, मलक्का, दक्षिण चीन सागर) पर सैन्य निगरानी करना और अपने तरीके से अंतर्राष्ट्रीय नियम एवं कानून बनाना इसका मूल मंत्र  है। 
21वीं सदी की अमरीका की नई राष्ट्रीय सुरक्षा नीति विश्व की भू-राजनीति का सबसे अहम रणनीतिक दस्तावेज़ है। यह अमरीका की ऐसी रणनीतिक योजना है, जो साफ तौर पर यह वृत्तांत बनाती है कि अगले कई दशकों में दुनिया चाहे किसी भी दिशा में जाए, परन्तु उसमें अमरीका का सर्वव्यापक दबदबा बना रहना चाहिए।       -मो.78883-27695

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