हिमाचल में दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर आया बड़ा अपडेट, जानें प्रदेश में कितनी बारिश होगी

शिमला, 30 मई - हिमाचल प्रदेश में इस दक्षिण-पश्चिम मानसून ऋतु की वर्षा को लेकर बड़ा अपडेट आया है। माैसम विभाग की ओर से शनिवार को मानसून सीजन को लेकर पूर्वानुमान जारी किया गया है। विभाग के अनुसार 2026 में पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की ऋतु में होने वाली वर्षा दीर्घावधि औसत का 90 फीसदी रहने की संभावना है, जोकि चार प्रतिशत कम-ज्यादा हो सकता है। वर्ष 1971-2020 की अवधि के आधार पर पूरे देश में इस ऋतु की वर्षा का दीर्घावधि औसत 87 सेंटीमीटर है।

माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून की ऋतु (जून से सितंबर) में होने वाली वर्षा दीर्घावधि औसत (92 फीसदी से नीचे) सामान्य से कम होने की संभावना है। किन्नौर जिले के कुछ क्षेत्रों में सामान्य वर्षा और लाहौल-स्पीति जिले के कुछ क्षेत्रों व चंबा जिले के उत्तरी हिस्सों में सामान्य वर्षा होने की संभावना है। प्रदेश के लिए दक्षिण-पश्चिम मानसून मौसम के लिए सामान्य वर्षा (1971-2020) (734.4) मिलीमीटर है। दीर्घावधि औसत 92 फीसदी से नीचे रहने पर कम बारिश की श्रेणी माना जाता है। जबकि दीर्घावधि औसत >90-95 तक सामान्य से नीचे, 96-104 तक सामान्य, >105 -110 तक सामान्य से अधिक और 110 से ज्यादा होने पर अत्याधिक बारिश की श्रेणी में आता है। 

विभाग के अनुसार सामान्य से कम वर्षा से कृषि, पानी की उपलब्धता, जल विद्युत उत्पादन और पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता के साथ सूखे, गर्मी के तनाव और पेयजल संसाधनों पर दबाव के बढ़ते जोखिम के लिए चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। इन प्रभावों को कम करने के लिए, रणनीतियों में कुशल जल संसाधन प्रबंधन, जल संरक्षण प्रथाओं को बढ़ावा देना, कृषि के लिए आकस्मिक योजना बनाना, सूखे की निगरानी को मजबूत करना और आईएमडी की पूर्व चेतावनी सेवाओं का उपयोग करना और उन क्षेत्रों में तैयारी के उपायों को बढ़ाना शामिल हो सकता है जो विशेष रूप से वर्षा की कमी के प्रति संवेदनशील हैं। 2026 के दौरान पूरे देश में मौसमी वर्षा के लिए पांच श्रेणी के संभावित पूर्वानुमान जारी किए गए हैं। यह पूरे देश के लिए सामान्य से कम या कम वर्षा की 84 फीसदी संभावना का सुझाव देता है।
 

 
#हिमाचल
# मानसून
# बारिश