'वॉशरूम के लिए लोगों के घरों का दरवाजा खटखटाया', बालिका वधू फेम एक्ट्रेस ने बयां किया दर्द
मुंबई, 11 जून- आज टीवी से लेकर फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों के लिए वैनिटी वैन की सुविधा मौजूद है, जिसमें वह आराम कर सकते हैं, खाना खा सकते हैं और कपड़े तक बदल सकते हैं। मगर, कुछ सितारों ने ऐसा दौर भी देखा है जब वह आउटडोर शूट करने जाते थे तो उन्हें कपड़े बदलने और वाशरूम जाने के लिए काफी स्ट्रगल करना पड़ता था। 'बालिका वधू' फेम एक्ट्रेस स्मिता बंसल ने अपने संघर्ष के दिनों को याद कर कई किस्से सुनाए।
बॉलीवुड बबल को दिए इंटरव्यू में स्मिता बंसल कहती है, 'अब तो वैनिटी में भी लेवल है, लेकिन तब ऐसा कुछ नहीं होता था। हमारे लिए ये सब लग्जरी हुआ करती थीं। आजकल जो बच्चे इंडस्ट्री में आ रहे हैं, उनके लिए पहले से ही सब मौजूद है। उन्हें वो वाला स्ट्रगल नहीं देखना पड़ा जो हमने देखा है। हमने दोनों दौर देखे हैं। मैं भी अब वैनिटी मांगती हूं लेकिन जब आउटडोर शूट में वैनिटी नहीं मिलती तो भी मैनेज कर सकती हूं।'
स्मिता ने एक मजेदार किस्सा सुनाते हुए कहा- 'मैं एक हॉरर शो की शूटिंग कर रही थी। वहां हमने ओपन जीप में कपड़े बदले थे। जीप के चारों तरफ पर्दे लगाए और उसके अंदर बैठकर कपड़े बदले, क्योंकि तब न कुर्सियां होती थीं, न मेकअप रूम होता था। हमने सोचा कि पेड़ के पीछे जाकर कपड़े बदलने सेअच्छा तो जीप का इस्तेमाल करें।' स्मिता बताती हैं कि उस वक्त महिला कलाकारों को वॉशरूम की सबसे ज्यादा परेशानी होती थी। जब किसी गली या मोहल्ले में शूटिंग होती थी तो वो लोगों के घरों में जाकर वॉशरूम यूज करते थे।
स्मिता कहती है कि कई लोग तो बहुत खुश होते थे और उनका स्वागत करते, पानी पिलाते थे, लेकिन कुछ लोग तो उन्हें साफ मना कर देते थे और कहते थे कि हम शूटिंग वालों को घर में नहीं आने देंगे। स्मिता ने तो यह भी बताया कि बार-बार वॉशरूम न जाना पड़े इसके लिए वो लोग पानी ही नहीं पीते थे।

