बंगाल में विधानसभा कमेटी पर सियासत: BJP- बागी गुट पर TMC ने लगाया साठगांठ का आरोप

कोलकाता, 7 अगस्त - पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर टकराव तेज हो गया है। इस बार विवाद विधानसभा की स्टैंडिंग कमेटियों को लेकर है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि विधानसभा की अहम कमेटियां भाजपा और ऋतव्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट के बीच बांट दी गईं। वहीं, ममता गुट को पूरी प्रक्रिया से दूर रखा गया।

टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने कहा कि कमेटियों का गठन राजनीतिक समझ के तहत हुआ है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बसु की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि कमेटियों के गठन से पहले ममता बनर्जी गुट के विधायी नेतृत्व से कोई राय नहीं ली गई। यह विवाद विधानसभा सचिवालय की उस घोषणा के बाद शुरू हुआ, जिसमें 41 स्टैंडिंग कमेटियों के अध्यक्षों के नाम जारी किए गए।

विधानसभा की 41 स्टैंडिंग कमेटियों में 31 की अध्यक्षता भाजपा विधायकों को मिली है। बाकी 10 कमेटियां विपक्ष के हिस्से गई हैं। इनमें आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी को पेपर लेड कमेटी और बागी टीएमसी विधायक कन्हाई लाल अग्रवाल को पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी) का अध्यक्ष बनाया गया है।
 

 
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