13 राज्यों के 124 सीईटीपी प्रदूषण मानकों पर खरे नहीं उतरे, सीपीसीबी ने सुधारत्मक कार्रवाई को कहा


नई दिल्ली, 23 अगस्त (भाषा) : केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने करीब 100 सामान्य गंदगी शोधन संयंत्रों (सीईटीपी) के मानकों पर खरे नहीं उतरने के बाद 13 राज्यों के प्रदूषण बोर्ड को सुधारात्मक उपाय करने के निर्देश दिए हैं। सीपीसीबी ने 13 राज्यों को भेजे पत्र में कहा कि यह देखा गया है कि 124 सीईटीपी निर्धारित प्रदूषण मानकों से अधिक गंदगी छोड़ रहे हैं। इनमें सबसे अधिक 34 सीईटीपी तमिलनाडु में हैं, महाराष्ट्र में 24, राजस्थान में 13, हरियाणा में 14, कर्नाटक में 11, केरल में आठ, उत्तरप्रदेश में पांच, उत्तराखंड में तीन, हिमाचल प्रदेश में एक, तेलंगाना में चार, त्रिपुरा में एक, मध्यप्रदेश में दो और पंजाब में चार हैं। सीपीसीबी ने यह कार्रवाई इस साल अप्रैल-मई में इन सीईटीपी का निरीक्षण करने के बाद की है। यह निरीक्षण राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देश पर किया गया था। सीपीसीबी ने कहा कि सीईटीपी को मानकों के अनुकूल बनाने के लिए तुरंत अद्यतन किया जाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो पर्यावरण क्षतिपूर्ति की राशि वसूलने सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी। सीपीसीबी की ओर से जल अधिनियम के तहत 13 अगस्त को संबंधित 13 राज्यों को लिखे पत्र में 15 दिनों के भीतर निर्देश के अनुपालन के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा गया है।