पंजाब के कर्मचारियों व सरकार में मांगों को लेकर टकराव के आसार


चंडीगढ़, 16 अक्तूबर (अजायब सिंह औजला) : विगत कई दिनों से सांझा मुलाजिम मंच व सरकार के बीच चलती-टूटती बातचीत के चलते आज खबर लिखे जाने तक सरकार द्वारा मंच के साथ देर रात्रि बैठक तय की गई है, जिसके सार्थक परिणाम कम ही निकलने की सम्भावना है। बैठक के लिए सांझा मंच के कनवीनर दाखा में डेरा लगाए बैठे थे। मंच के कनवीनर सुखचैन सिंह खैहरा ने बताया कि यदि आज की बैठक असफल रहती है तो पंजाब के समूह संगठन 17 अक्तूबर को प्रदेश में कलम छोड़/ चक्का जाम हड़ताल करेंगे। इसी शृंखला के तहत पंजाब सरकार के समूह कर्मचारी 18 अक्तूबर को दाखा में रैली के लिए कूच करेंगे ताकि चुनावों से पहले दाखा के लोगों को सरकार के असली चेहरे से अवगत करवाया जा सके और लोगों को सरकार द्वारा किए जा रहे झूठे वादों संबंधी जागरूक किया जा सके। नेताओं ने कहा कि आज पंजाब सरकार के सौतेले व्यवहार से परेशान कर्मचारियों का गुस्सा आज उस समय फूट पड़ा  और सांझा मुलाजम मंच की अगुवाई में मुलाजम स्वयं ही पंजाब सिविल सचिवालय के वित्त विभाग में इकट्ठे हो गए और सरकार के विरुद्ध नारेबाज़ी की। इस अवसर पर कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए एसोसिशन के वित्त सचिव मिथुन चावला ने कहा कि सरकार खज़ाना खाली होने का रोना रोकर कर्मचारियों के वित्तीय लाभ रोककर बैठे हैं जबकि केन्द्रीय कर्मचारियों को डी.ए., एरियर व वेतन आयोग बिना किसी देरी के दिया जा चुका है। आज दाखा में वित्त मंत्री व सरकार के अन्य प्रतिनिधियों के साथ साझे मुलाजम मंच की बातचीत चल रही है, यदि बातचीत असफल रही और सरकार द्वारा कर्मचारियों की मांगें न मानी गईं तो इस बार काली दीवाली मनाई जाएगी और 17 अक्तूबर से समूचे पंजाब में कामकाज ठप्प/ चक्का जाम किया जाएगा और 18 अक्तूबर को दाखा में रोष रैली करने के लिए अपने-अपने वाहनों पर कूच किया जाएगा जिसकी ज़िम्मेवारी सरकार की होगी।