ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देने को लेकर प्रियंका चतुर्वेदी का बयान
दिल्ली, 10 फरवरी - विपक्ष द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देने पर शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "जिस तरीके से भेदभाव दिख रहा है। विपक्ष के नेता को रोकने का काम हुआ, पूर्व सेनाध्यक्ष के किताब के अंश को पढ़ने से मना किया गया। फिर कहा गया कि देश के सबसे सुरक्षित इमारत में प्रधानमंत्री असुरक्षित हैं क्योंकि 8-10 महिलाएं विरोध कर रही थी तो ये शर्मनाक है।"
अगर पाकिस्तान के आर्मी चीफ की किताब को पढ़ा गया होता तो रोक लगाएं। देश के पूर्व सेनाध्यक्ष अपनी गाथा सुना रहे हैं अपनी किताब के माध्यम से जो प्रकाशित हो गई थी बाजार में आने से एक दिन पहले उस पर रोक लगाई गई थी। बहुत लोगों के पास अग्रिम प्रतियां पहुंच चुकी थी तब आप रोक लगाते हैं और फिर कहते है कि बात नहीं करिए। पूर्व सेनाध्यक्ष के बारे में बात करना अदेशभक्तिपूर्ण कह दिया जाता है, आपराधिक कृत्य बताकर FIR दर्ज कर दी जाती है।

