स्पीकर का प्रथम कर्तव्य व्यवस्था और शिष्टाचार बनाए रखना है - अमित शाह

नई दिल्ली, 11 मार्च - केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब आप अध्यक्ष की निष्ठा पर सवाल करते हैं तो आप अजीब प्रकार की स्थिति का निर्माण कर देते हैं। जिसको मध्यस्थता करनी है, जिसका संरक्षण लोकसभा के कार्यकाल की समाप्ति तक आपको मांगना है उसकी निष्ठा पर ही आप सवाल कर देते हैं? ये हमारी उच्च परंपराओं के निर्वहन में करने के लिए बहुत अफसोसजनक घटना है।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि स्पीकर का प्रथम कर्तव्य व्यवस्था और शिष्टाचार बनाए रखना है। कोई भी व्यक्ति खड़े होकर अपने मन से कुछ भी बोलेगा तो स्पीकर को उसे बैठाना पड़ेगा क्योंकि विषय तय होते हैं। शशि थरूर, बालू साहब जैसे कितने वरिष्ठ सदस्य हैं वहां मुझे समझ नहीं आता कि वे क्यों नहीं सिखाते इन्हें... इतना सिखा दें तो समस्या का वहीं समाधान हो जाए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि किसी के सलाहकार आंदोलनकारी हो सकते हैं लेकिन आंदोकलकारी को सदन में सदन के नियमों के अनुसार ही चलना पड़ेगा... नियम 375 के तहत गंभीर अव्यवस्था की स्थिति में सदन को स्थगित करना है। आप किसी को बोलने ही नहीं देंगे और विरोध करते रहेंगे और प्रधानमंत्री की कुर्सी तक सारी महिला सांसद एकत्रित होकर आ जाएंगी ये मैं नहीं मानता... नियम 380  के अधीन स्पीकर को अधिकार है कि असंसदीय शब्दों और टिप्पणियों को कार्रवाई से हटाना होगा।

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