ठेका कर्मचारियों की हड़ताल के कारण लहरा थर्मल में कोयला प्लांट के स्टैकर की केबलों में लगी आग

लहरा मुहब्बत (बठिंडा), 17 अगस्त (सुखपाल सिंह सुक्खी)- सरकारी क्षेत्र के गुरु हरिगोबिंद ताप बिजली घर लहरा मुहब्बत के करीब 1875 आउटसोर्स ठेका कर्मचारियों की पिछले 18 दिनों से चल रही पूर्ण हड़ताल के कारण 4 में से दो यूनिट पहले ही बंद हैं। वहीं, बीती रात कोयला प्लांट के स्टैकर की केबलों में आग लगने से यूनिट नंबर 3 का बिजली उत्पादन करीब दो सप्ताह तक ठप होने के कगार पर है। पावरकॉम को बाहर से बिजली खरीदने और मशीनरी खराब होने के कारण करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, प्रदेश में उमस और गर्मी के कारण आज बिजली की मांग 14,902 मेगावाट तक पहुंच गई थी, जिसे पूरा करने के लिए 10,618 मेगावाट बिजली बाहर से प्राप्त की गई। लहरा मुहब्बत थर्मल प्लांट के 940 मेगावाट के 4 यूनिटों में से 2 यूनिटों का उत्पादन ठेका कर्मचारियों की हड़ताल के कारण पहले ही ठप पड़ा है। वहीं, बीती रात कोयला प्लांट में स्टैकर सी के दो तथा 8 के सी हेड टेल की बिजली सप्लाई केबलों में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने का पता चला।

इस घटना में करीब 14-15 लाख रुपये का नुकसान होने के साथ-साथ दो सप्ताह तक यूनिट नंबर 3 की कोयला सप्लाई बंद रहने से 250 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप होने के कगार पर है।

फिलहाल कोयला फीड भरे हुए बंकर से मिल रहा है। बंकर खाली होने के बाद यूनिट बंद हो जाएगा। स्टेज-1 का यूनिट नंबर 2 किसी तकनीकी खराबी के कारण रात को बंद हो गया था, जिसे सुबह दोबारा चालू किया गया। यह अपनी उत्पादन क्षमता से कम केवल 158 मेगावाट बिजली पैदा कर रहा है।

रोपड़ ताप घर के 4 में से 2 यूनिट बिजली पैदा कर रहे हैं, जो 840 मेगावाट की क्षमता के मुकाबले 256 मेगावाट उत्पादन कर रहे हैं। इसी तरह गोइंदवाल साहिब ताप घर के 2 यूनिट 540 मेगावाट की क्षमता के मुकाबले 290 मेगावाट बिजली पैदा कर रहे हैं।

प्रदेश में अपना बिजली उत्पादन 1735 मेगावाट है और निजी ताप घर राजपुरा तथा तलवंडी साबो के 2876 मेगावाट को मिलाकर कुल 4771 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। लेकिन पावरकॉम को 10,600 मेगावाट से अधिक बिजली बाहर से प्राप्त करनी पड़ रही है।

इस संबंध में लहरा मुहब्बत ताप बिजली घर के मुख्य इंजीनियर शत्त प्रकाश सिंह से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण थर्मल को काफी नुकसान हो रहा है। स्टैकर की सप्लाई केबलों में आग लगने से बिजली उत्पादन प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि इसे जल्द ठीक करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

 
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