पंजाब में स्वाइन फ्लू का प्रकोप: पहली संदिग्ध मौत ने बढ़ाई चिंता, मरीजों की संख्या 220 तक पहुंची
जालंधर, 6 सितंबर (दविंदर): इस साल पंजाब में स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी के बीच जालंधर में सीजन की पहली संदिग्ध स्वाइन फ्लू मौत दर्ज की गई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि 85 वर्षीय मरीज की मौत का सही कारण अभी पूरी तरह निर्धारित नहीं किया गया है। विभाग के अनुसार, औपचारिक स्वास्थ्य ऑडिट के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकलेगा।
अब तक राज्य में 220 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। लुधियाना और एस.ए.एस. नगर (मोहाली) में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। अगस्त के बाद मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाने और अस्पतालों में फ्लू कॉर्नर व आइसोलेशन यूनिट स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
जालंधर के जमशेर खास के ताजपुर निवासी मूल राज (85) को सांस लेने में तकलीफ के बाद सिविल अस्पताल, जालंधर में भर्ती कराया गया था। वह पहले से ही क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) से पीड़ित थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मूल राज का 2 सितंबर को GMC अमृतसर में H1N1 टेस्ट पॉजिटिव आया था। बाद में शुक्रवार को सिविल अस्पताल, जालंधर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार मरीज पहले से COPD समेत अन्य बीमारियों से पीड़ित था और उसकी इम्यून सिस्टम भी कमजोर थी। इसलिए मौत का कारण केवल H1N1 संक्रमण को मानना उचित नहीं होगा।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मरीज इम्यूनोकॉम्प्रोमाइज्ड था और उसे कई सह-रोग थे। इसलिए मौत का वास्तविक कारण H1N1 था या पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याएं, इसका पता औपचारिक स्वास्थ्य ऑडिट के बाद ही चलेगा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने शुक्रवार को कहा कि H1N1 की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस साल सामने आया स्ट्रेन अभी तक कोई नया या म्यूटेटेड स्ट्रेन नहीं पाया गया है। मंत्री के अनुसार, जालंधर में 85 वर्षीय मरीज की मौत का कारण स्वाइन फ्लू होने की संभावना कम है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अब तक 1,513 संदिग्ध मरीजों का स्वाइन फ्लू के लिए टेस्ट किया गया है। इनमें से 220 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अकेले शुक्रवार को 14 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई।

