हैडलाइन:एशियन गेम्स 2026: जींद की बेटी नीरू ढांडा ने शूटिंग में देश को दिलाया 5वां गोल्ड मेडल
*कभी पास नहीं थी अपनी राइफल, दूसरे की बंदूक से निशाना साध किसान की बेटी ने रचा इतिहास
* कबड्डी से सफर शुरू कर शूटिंग में बनीं 'एशियाई चैंपियन', गांव संगतपुरा में उत्सव जैसा माहौल, चूरमे और टिंडी घी से होगा स्वागत
*कल ही बेटी ने कहा था- स्कोर अच्छा है, गोल्ड लेकर आऊंगी": सुदेश देवी
*कबड्डी से शुरुआत, फिर थामी राइफल
*संघर्ष की दास्तान: खुद की राइफल तक खरीदने का नहीं था बजट
*ढोल-नगाड़ों से होगा स्वागत, परोसा जाएगा पसंदीदा देसी चूरमा और टिंडी घी
जींद , 29 सितंबर - जापान में आयोजित एशियाई खेल 2026 में हरियाणा के जींद जिले के एक छोटे से गांव संगतपुरा की बेटी नीरू ढांडा ने देश का परचम लहराया है। नीरू ने ट्रैप शूटिंग (शॉटगन) में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में 5वां स्वर्ण पदक डाला। जैसे ही नीरू के गोल्ड मेडल जीतने की सूचना उनके गांव पहुंची, पूरा इलाका जश्न के माहौल में डूब गया। घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस ऐतिहासिक पल का जश्न मनाया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नीरू ढांडा को उनकी इस स्वर्णिम उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
नीरू की माता सुदेश देवी ने खुशी से गद्गद होकर मीडिया से बातचीत में बताया, "हमारी बेटी ने पूरे देश और प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। वह भारत की असली शेरनी है, जिस पर पूरे गांव को गर्व है।"
माता ने बताया कि फाइनल मुकाबले से एक दिन पहले शाम करीब 3:30 बजे नीरू का फोन आया था। उसने कहा था, 'माँ, कल सुबह 10:30 बजे मेरा फाइनल मैच देखना। मेरा स्कोर बहुत अच्छा चल रहा है, मैं देश के लिए मेडल जरूर लाऊंगी।' मां ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें दिल से भरोसा था कि उनकी बेटी गोल्ड मेडल ही जीतेगी।
महज 2,500 की आबादी वाले संगतपुरा गांव की रहने वाली नीरू ने अपनी प्राथमिक शिक्षा (5वीं तक) गांव के ही स्कूल से की। इसके बाद 10वीं तक की पढ़ाई उन्होंने केवीएस से पूरी की। शुरुआत में नीरू की रुचि कबड्डी में थी, जो उन्होंने अपनी बुआ से सीखी थी। लेकिन आगे चलकर उनका रुझान शूटिंग की तरफ बढ़ा।

