किसी भी आक्रामक कार्रवाई का मुख्य आधार रही है हवाई ताकत, आगे भी रहेगी - एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह
जोधपुर, 7 अक्टूबर - भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने कहा, "पिछले एक साल के दौरान हमने स्पेन, यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, रूस, फ्रांस, थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, जापान और कई अन्य साझेदार देशों के साथ मिलकर उड़ानें भरी हैं। इस समय जब हम यहां बैठे हैं, जोधपुर में 'तरंग शक्ति' का दूसरा संस्करण चल रहा है, जिसमें कुल 41 देश हिस्सा ले रहे हैं। इनमें से सात देश अपने उपकरण (विमान) के साथ शामिल हैं और बाकी देश अपने पर्यवेक्षकों के साथ भाग ले रहे हैं। यह पहली बार है जब एफ-35 विमानों का एक दस्ता हमारे साथ इस माहौल में अभ्यास करने के लिए भारत आया है..."
उन्होंने कहा, "हमने देखा है कि पिछले कुछ वर्षों में वायु सेना का ध्यान 'प्लेटफॉर्म-केंद्रित' (सिर्फ उपकरणों पर आधारित) दृष्टिकोण से बदलकर 'क्षमता-केंद्रित' दृष्टिकोण और विभिन्न हिस्सों के आपसी तालमेल (इंटीग्रेशन) की ओर हुआ है और यह काफी लाभदायक साबित हुआ है। इसने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान अपनी अहमियत साबित की है।"
उन्होंने आगे कहा, "हम यह साबित करने में सक्षम हुए हैं कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे थे और इनमें से बहुत सी चीजें हाल ही में की गई तेज गति से खरीद का परिणाम थीं। हवाई ताकत किसी भी आक्रामक कार्रवाई का मुख्य आधार रही है और आगे भी रहेगी। मुझे लगता है कि हमने इस बात को अच्छी तरह साबित कर दिया है और मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।"

