नाना पाटेकर को अस्पताल लाने के वक्त ही हो चुकी थी उनकी मौत - डॉ. शेखर सालकर

पणजी (गोवा), 8 अक्टूबर - मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने कहा, "नाना पाटेकर को अस्पताल लाने के वक्त ही उनकी मौत हो चुकी थी... सुबह 5:30 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। हमने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन उन्हें मृत अवस्था में ही लाया गया था। करीब 45 मिनट से एक घंटे तक कार्डियक मसाज दी गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

जहां तक हमें याद है, रात करीब 2:30 बजे उन्होंने अपने दोस्त को संदेश भेजा था कि वह ठीक महसूस नहीं कर रहे हैं। लेकिन रात का समय होने के कारण उनका दोस्त संदेश नहीं देख सका। इसके बाद उन्होंने अपने दोस्त को फोन किया। वह करीब 4 बजे उनके घर पहुंचा। उस समय तक उन्हें काफी पसीना आ रहा था। उनके दोस्त ने उन्हें संभाला और प्राथमिक देखभाल की। लेकिन वह धीरे-धीरे बेहोश हो रहे थे... इसलिए उन्होंने अपने केयरटेकर को अस्पताल भेजा। वह हमारी एंबुलेंस लेकर आया।

जब हमारी इमरजेंसी टीम वहां पहुंची, तो उन्होंने कार्डियक मसाज शुरू की, क्योंकि वह बिल्कुल भी प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे। इसके बाद उन्हें सुबह करीब 4:20 या 4:30 बजे हमारे अस्पताल लाया गया। हमने भी उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें मृत अवस्था में ही लाया गया था।

इसके बाद हमें पुलिस केस दर्ज करना पड़ा, क्योंकि यह एक एमएलसी (मेडिको-लीगल केस) था। शव को अब पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है। उनका परिवार वहां मौजूद नहीं था। उनके दोस्त और केयरटेकर उनके साथ थे।"

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