एक्टिव बच्चे ही अच्छे लगते हैं
आजकल बच्चों का कम शारीरिक गतिविधि करना, पैरेंट्स के लिए एक बड़ी चिंता का कारण है। स्कूल से आने के बाद खाने के नाम पर फास्ट फूड लेना, टीवी या मोबाइल देखते हुए खाना खाना, खाने के बाद थककर चूर होने पर लेट जाना या सोना, सोकर उठने के बाद स्कूल का होमवर्क करना और इसके बाद सोना और सुबह उठकर स्कूल जाना। इस तरह जब बच्चे शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं होते, तो वे मोटापे के साथ-साथ कम उम्र में ही कई बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। हकीकत यह है कि पढ़ने लिखने के साथ नियमित व्यायाम करना, बच्चों के लिए भी ज़रूरी है। अगर आप चाहती हैं कि बच्चा अपनी पढ़ाई में सही परर्फोम करे, तो उसमें कम उम्र से ही व्यायाम करने की आदत डालें और बहुत सारी ऐसी फिजिकल एक्टिविटीज हैं, जिन्हें करके वो एक्टिव रहकर स्वस्थ और तंदुरुस्त हो सकते हैं।
व्यायाम के लिए करें प्रेरित
बच्चों को ही नहीं बड़ों को भी भला व्यायाम करना कहां अच्छा लगता है, क्योंकि इसमें शारीरिक श्रम की ज़रूरत होती है, लेकिन पैरेंट्स को चाहिए कि वह बच्चों को व्यायाम के लिए प्रेरित करें। दिनभर बच्चों को घर में रहने के लिए दबाव न डालकर उन्हें आउटडोर गेम्स खेलने की आदत डालें। क्योंकि आजकल बच्चे दिनभर टीवी या मोबाइल के सामने ही अपना वक्त गुजारते हैं। बच्चे को व्यायाम के लिए प्रेरित करने हेतु उसे खेल-खेल में सिखाएं। हालांकि कुछ दिन उसे यह प्रक्रिया बोरिंग लग सकती है, लेकिन धीरे-धीरे जब उसे इसकी आदत हो जाती है, तो वह इसको भी एंज्वॉय करने लगता है।
घर से बाहर भेजें
बच्चों की सुरक्षा के नजरिये से या समय न निकाल पाने के कारण अकसर मांएं बच्चों को घर में ही टीवी या मोबाइल के जरिये व्यस्त रखने की कोशिश करती हैं, इसकी बजाय उसे स्वयं पार्क लेकर जाएं, उसे अपने साथ सैर करवाएं और उसे दूसरे बच्चों के साथ खेलने के लिए प्रेरित करें। उसके साथ खुद भी दौड़ें, छुपन-छुपायी या पकड़म-पकड़ायी जैसे खेल दूसरे बच्चों के साथ खेलने पर उसे अच्छा लगेगा। प्रतिदिन उसके लिए समय निकालकर उसे पार्क ले जाएं, इससे वह दिन के समय एक्टिव तो रहेगा ही, उसका सामाजिक दायरा भी विकसित होगा और वह सर्दी या गर्मी हर तरह के मौसम के अनुकूल खुद को ढाल सकेगा।
साइकिल चलाना
साइकिल चलाना एक ऐसा व्यायाम है, जिसमें पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और उनका स्टेमिना भी बढ़ता है। अपने बच्चे को नियमित तौर पर साइकिल चलाने के लिए प्रेरित करें। यदि बच्चा छोटा है तो पूरे समय उसके साथ रहकर उसकी साइकिल को अपनी निगरानी में रखकर चलवाएं, जिसमें उसे बेहद मजा आता है।
स्विमिंग कराएं
गर्मी के दिनों में बच्चों के लिए स्विमिंग भी एक ऐसी एक्सरसाइज है, जो उनके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होती है। उन्हें कम उम्र से ही स्विमिंग सिखाएं और पानी से जुड़ी दूसरी गतिविधियों में भी शामिल होने के लिए प्रेरित करें। उसे अपने साथ समुद्र तट, वाटर पार्क, नदी, झरने की सैर कराएं। जल संबंधी इन गतिविधियों से बच्चे को परिचय कराने से कभी आपातकाल में पानी में डूबने जैसी दुर्घटना से वह खुद को बचाने में सक्षम हो सकता है।
गर्मी के मौसम में उसे कैसे एक्टिव रखें
गर्मी का मौसम बच्चों के लिए घर से बाहर रहकर सक्रिय रहने के लिए सबसे अच्छा समय है। गर्मी के दिनों में स्कूल की लंबी छुट्टियों में बच्चों के लिए व्यायाम के लिए काफी ज्यादा समय होता है। इसमें खुद भी भागीदारी करें, खुद भी शारीरिक रूप से सक्रिय रहें तो बच्चे को भी सक्रिय रहने की प्रेरणा मिलती है। अपनी खुद की दिनचर्या भी इस प्रकार बनाएं कि उसी दिनचर्या के अनुसार बच्चा अपने को भी एक्टिव रखने की दिनचर्या बना सकता है।
उसे खेलने दें
बच्चे को एक्टिव रखने के लिए उसे घर से बाहर दूसरे बच्चों के साथ खेलने दें। उसे खेलने के लिए ऐसे उपहार दें, जो उसकी फिजिकल एक्टिविटी को बढ़ाने वाले हों। स्केट बोर्ड, बाइक स्कूटर, बॉस्केट बॉल, फुटबॉल, रस्सी कूद, पतंग, योगा मैट, जैसे इंडोर उपकरणों के द्वारा पार्क या खेल के मैदान में जाकर एक्टिव रह सकता है। इसके अलावा उन्हें स्कूल पैदल या साइकिलिंग से जाने के लिए प्रोत्साहित करें ताकि वे लगातार सक्रिय रहें।
-इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर




