ईवी टेक्नीशियन में उभरता सुरक्षित कॅरियर
पूरी दुनिया के साथ भारत भी तेजी से स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है। इसलिए तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ रही है। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2030 तक नये वाहनों की बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत तक पहुंच जाए। बदलाव की इस गहमागहमी के कारण देश में इलेक्ट्रिक वाहन तकनीशियनों या ईवी तकनीशियन का कॅरियर बहुत तेजी से और बहुत सुरक्षित ढंग से उभर रहा है। आइये इस लेख में ईवी टेक्नीशियन कॅरियर की पूरी प्रोफाइल को समझते हैं।
आखिर कौन होता है ईवी टेक्नीशियन?
ईवी टेक्नीशियन दरअसल वह तकनीकी विशेषज्ञ होता है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी, मोटर, कंट्रोल सिस्टम व इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेट की जांच, मम्मरत और रख-रखाव का काम करता है। यह पारंपरिक मैकेनिक से अलग होता है, क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहन में इंजन की जगह बैटरी, मोटर और सॉफ्टवेयर सिस्टम होता है। जहां तक ईवी टेक्नीशियन की जॉब प्रोफाइल का सवाल है यानी वह क्या करता है, तो ईवी टेक्नीशियन के प्रमुख कार्य निम्नलिखित होते हैं।
* यह बैटरी सिस्टम की जांच करता है और ज़रूरत पड़ने पर उसकी मुरम्मत करता है। खास तौर पर लिथियम ऑयन बैटरी की जांच।
* इसके साथ ही ईवी टेक्नीशियन बैटरी के पर्फोमेंस को नियंत्रित करता है। अगर बैटरी खराब हुई तो उसके सेल बदलता है।
* ईवी टेक्नीशियन, इलेक्ट्रिक मोटर और कंट्रोल की सर्विसिंग के लिए भी जिम्मेदार होता है। इसलिए यह मोटर की कार्यक्षमता को जांचता है और मोटर कंट्रोल तथा इनवर्टर सुचारू रूप से काम करे, इस पर नज़र रखता है।
* ईवी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रिक सिस्टम की भी जांच करता है। इसके लिए वह व्हीकल डायग्नोस्टिक टूल का उपयोग करता है तथा कोड की गलतियों को पहचानता है व ठीक करता है।
* ईवी टेक्नीशियन पर ही चार्जिंग सिस्टम की जांच की जिम्मेदारी होती है। यह चार्जिंग प्वाइंट और चार्जर की जांच करते हुए अगर इन डिवाइसेस में कोई समस्या होती है तो उसका समाधान करता है।
* ईवी टेक्नीशियन सर्विसिंग और मेंटेनेंस का भी जिम्मेदार होता है। इलेक्ट्रिक वाहन का रूटीन मेंटेनेंस और प्रिवेंटिव मेंटेनेंस की नियमित जांच ईवी टेक्नीशियन ही करता है।
ईवी टेक्नीशियन के लिए 10वीं या 12वीं पास की शैक्षिक योग्यता से भी काम चल जाता है। हां, बेहतर विकल्प ये है कि आईटीआई से इलेक्ट्रीशियन और मोटर मैकेनिक्स का कोर्स कर लेने के बाद नौकरी के चांस बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं। डिप्लोमा इन इलेक्ट्रिकल या आटोमोबाइल इंजीनियरिंग करने पर भी नौकरी के अवसर बढ़ जाते हैं। इन दिनों 3 से 12 महीने के कई ईवी कोर्स चल रहे हैं, जैसे-ईवी टेक्नीशियन सर्टिफिकेट कोर्स, ईवी मेंटेनेस कोर्स, बैटरी टेक्नोलॉजी कोर्स, 3 से 12 महीने तक के ये विशेष ईवी कोर्स नौकरी दिलाने में बहुत मददगार साबित होते हैं।
इस क्षेत्र में यानी ईवी टेक्नीशियन को शुरुआत में 15 से 30 हजार रुपये तक प्रतिमाह की नौकरी या 1.8 से 3 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिल जाता है। फिर जब 3 से 5 साल का अनुभव हो जाता है, तो ऐसे अनुभवी को 4 से 8 लाख रुपये सालाना पैकेज आसानी से मिलता है। जब कोई ईवी टेक्नीशियन सीनियर या सुपरवाइजर बन जाता है, तब उसे 6 से 12 लाख रुपये सालाना का पैकेज आराम से मिलता है और अगर विदेशों में नौकरी का अवसर मिलता है, तो शुरुआती वेतन 15 लाख रुपये से 30 लाख रुपये प्रतिवर्ष होता है। भारत में ईवी सेक्टर बहुत तेजी से बढ़ रहा है। सरकारी और उद्योग रिपोर्ट के मुताबिक साल 2030 तक भारत में एक करोड़ से ज्यादा ईवी ‘इलेक्ट्रिक व्हिकल्स’ होंगे। ऐसे में देश को लाखों इलेक्ट्रिक व्हिकल टेक्नीशियन की जरूरत पड़ेगी। इसलिए उम्मीद है कि अगले पांच सालों में ईवी सेक्टर से कम से कम 50 लाख से ज्यादा नौकरियां निकलेंगी। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा ईवी टेक्नीशियन का ही होगा।
-इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर





