संसद में राहुल के बयान पर हंगामा: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले- देश से माफी मांगें
नई दिल्ली, 17 अप्रैल - लोकसभा में महिला आरक्षण लागू करने के लिए सीटों के परिसीमन से जुड़े तीन संशोधित विधेयकों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी के एक बयान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। राहुल के बयान पर सत्ताधारी दल के सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद सदन में शोर-शराबा और नारेबाजी शुरू हो गई।
उन्होंने सरकार से 2023 के महिला आरक्षण विधेयक को दोबारा लाने की मांग करते हुए कहा कि विपक्ष इसे तुरंत लागू कराने में पूरा सहयोग देगा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को सत्ता और प्रतिनिधित्व देने से बचने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यही सरकार की वास्तविक मंशा प्रतीत होती है।
राहुल गांधी ने कहा, 'मैं वापस गार्डन वाली कहानी सुनाता हूं। दादी ने कहा था कि सुनो राहुल मैं चाहती हूं कि तुम अंधेरे में देखना सीखो। अंधेरा में ही असली ताकत है। यह बढ़िया पॉलिटिकल लेशन है। जो असली ताकत होती है वो छिप कर काम करती है अपने आप को दिखाती नहीं है। मैं यह इसलिए बता रहा हूं कि सभी जानते हैं एक पार्टनरशिप हमारे जादूगर और बिजनेसमैन के बीच है।' इस पर एनडीए सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। राहुल ने कहा- मैं पीएम का नाम नहीं ले रहा हूं। मैंने पीएम का नाम नहीं लिया। सर यह पार्टनरशिप मजबूत है, लेकिन छिपी है। जादूगर के पूरे इतिहास में यह ताकत छिपी है। जबसे वे यहां आए तब से यह चल रहा है। भाजपा जानती है कि यह बिल पास नहीं हो सकता। वे इतने बेवकूफ नहीं है वे जानते हैं। इसीलिए उन्होंने चुनावी नक्शा बदलने के लिए महिला आरक्षण का सहारा लिया। सच यह है कि जादूगर पकड़ा गया है। ऑपरेशन सिंदूर, नोटबंदी का जादूगर पकड़ा गया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे प्रधानमंत्री और देश की गरिमा के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना अनुचित है और इसकी घोर निंदा की जानी चाहिए। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी आपत्ति जताते हुए कहा कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे नेता को इस तरह के शब्दों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के चुने हुए नेता हैं और उनके प्रति सम्मान बनाए रखना जरूरी है।

