पर्यावरण बचाने हेतु पौधे उचित समय पर लगाए जाएं
पंजाब, हरियाणा और कुछ अन्य क्षेत्रों में अधिक गर्मी पड़ रही है। पंजाब में तापमान 42 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है (हालांकि हाल ही में हुई बारिश की वजह से तापमान में अस्थायी रूप में कमी आई थी)। पंजाब में वन क्षेत्र अन्य सभी राज्यों से कम है। यहां सड़कों और निर्माण कार्यों की वजह से पेड़ काटे जा रहे हैं जिससे पर्यावरण दूषित हो रहा है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति नए पौधे लगाना चाहता है, लेकिन नए पौधे लगाने का यह समय अनुकूल नहीं है। गर्मी की वजह से पौधे मर जाते हैं। पटियाला की प्रसिद्ध नैशनल नर्सरी के मालिक अब्दुल वाहिद कहते हैं कि जो लोग हमारे पास इस मौसम में लगाने के लिए पौधे लेने आते हैं तो हम उन्हें पौधे देने से गुरेज़ करते हैं और समझाते हैं कि पौधे उचित समय पर लगाएं। लेकिन फिर भी कुछ लोग फेरी वालों से पौधे खरीद कर लगा रहे हैं, जो चलेंगे नहीं। उन्हें उचित समय पर पौधे लगाने चाहिएं।
आजकल ज़मीन और पौधों से पानी का वाष्पीकरण बहुत ज़्यादा होता है। नए लगाए गए पौधों की जड़ें फल-फूल नहीं सकतीं। पौधे जल्द ही सूख जाते हैं। पौधे लगाने का उचित समय 15 जुलाई से 15 सितम्बर तक होता है। जब मॉनसून की हवाओं से बारिश होती रहती है। नए लगाए गए पौधों की देखभाल बहुत ज़रूरी है। नए पौधे सप्ताह में दो बार पानी मांगते हैं। जब पौधों पर बेलें चढ़ जाएं तो जड़ों में बहुत नदीन हो जाते हैं। इसलिए गुडाई करनी पड़ती है। जब जुलाई-सितम्बर में पौधे लगाए जाएं तो यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि पौधों के बीच दूरी पौधे के विस्तार के अनुसार रखी जाए। अगर पौधे का विस्तार कम होना हो तो 10 से 15 फुट की दूरी पर और अगर विस्तार ज्यादा होना हो तो 25-30 फुट के अंतराल पर लगते हैं। पौधे लगाने से पहले सही आकार के गड्ढे खोद लेने चाहिएं। फिर उसमें आधी मिट्टी और आधी गली-सड़ी रूड़ी की खाद मिला कर डालनी चाहिए।
पौधा लगाने से पहले उसे पानी दे देना चाहिए। इससे रूड़ी की गर्मी कम हो जाएगी और गड्ढे की मिट्टी नीचे बैठ जाएगी। फिर पौधा लगाने के बाद 30 मि.ली. क्लोरोपायरीफास 20 ई.सी. दवा 10 लीटर पानी में घोलकर डाल देनी चाहिए। पौधों को फफूंद से बचाने के लिए छह महीने बाद फिर क्लोरोपायरीफास दवा डालने की ज़रूरत होती है।
पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए पूर्व उपनिदेशक बागवानी (सेवानिवृत्त) डॉ. स्वर्ण सिंह मान का कहना है कि पीपल और नीम के पौधे खुली जगहों पर लगा देने चाहिएं। इनसे वातावरण ठंडा रहेगा।
आज परम्परागत पेड़ लगभग गायब होते जा रहे हैं। पिलकन, गूलर, बरगद, बहेड़ा, महुआ, देसी बबूल, शरीह, ढाक्क, जंड्ड, इमली, टाहली, खैर, रेरू, फालसा, फलाही, शहतूत, मौलसरी, कटहल, सिंबल, करोंदा, कचनार, पुत्रन जीवा, बिल, सीता, अशोक, लसूड़ा, हरड़, ढेहू, संभालू, बांस, अंजीर, मले बेर, वन, राहुदा, करीर, खिरनी, तेंदू, जामुन, देसी आम और चमरोड़ आदि में से चयन करके पौधे लगा देने चाहिएं। इनके अलावा खुशबूदार झाड़ियां लगाने के लिए हार-शृंगार, रात की रानी, दिन का राजा, मोतिया, गार्डेनिया, चिल्टा, मरैया लगाएं और खुशबूदार पेड़ों के लिए कनकचम्पा, परीचम्पा और बड़ाचम्पा में से चयन किया जा सकता है। इससे वातावरण खुशनुमा रहेगा। फूलदार पौधे गुलाचीन, बॉटल ब्रश, केसिया, जावानिका, पिंक केसिया, मैक्सिकन, सिल्क कॉटन, ट्री गुलमोहर, एरिथ्रीना, ब्लू गुलमोहर आदि में से चुन कर लगाए जा सकते हैं। फूलदार झाड़ियां लगाने के लिए क्लीएड्रा, यूफोर्बिया, हेमेलिया, जैट्रोफा, लिंटाना, रुसेलिया, केसिया ग्लूका, मारोनिया, हार-शृंगार, मरैया आदि में से चुन सकते हैं।
ये सभी पौधे और पेड़ पीएयू और बागवानी विभाग पंजाब, वन विभाग और आईएआरआई की नर्सरियों से मिल सकते हैं। इसके अलावा निजी संस्थानों जिनमें राउंड ग्लास फाउंडेशन पटियाला तथा इको सिख संस्थाएं आदि शामिल हैं, उपरोक्त में से कुछ पौधे मुफ्त भी देती हैं। गांवों में शामलात ज़मीनें तथा कुछ खाली मैदान पड़े हैं, जहां पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए पौधे लगाने की ज़रूरत है। ट्यूबवेल पर भी चार से पांच पौधे लगाना ज़रूरी किया जाना चाहिए। हरियावल बढ़ाने के लिए पंजाब सरकार को यह ज़रूरी कर देना चाहिए कि शहरों में घरों का नक्शा पास करते समय यह शर्त लगाई जाए कि मकान बनाने वाले व्यक्ति को घर में एक पौधा लगाना पड़ेगा। इससे पंजाब के पर्यावरण में सुधार होगा। खाली स्थानों, सड़कों, नहरों और ट्यूबवेलों पर पौधे लगाने के लिए मनरेगा कार्यकर्ताओं की सेवाएं ली जा सकती हैं। बारिश के मौसम में पौधे लगाने वाले स्थान पर गड्ढे खोद कर आम, जामुन और लीची की गुठलियां, कटहल, बिल, लुकाठ और फाल्सा के बीज आदि सीधे बोए जा सकते हैं। हर गड्ढे में दो से तीन बीज डाले जाएं। लैवल ज़मीन के स्तर से 3-4 इंच नीचे होना चाहिए।
कुछ बातों, जैसे पौधे दोपहर के बाद लगाना, उचित समय पर लगाना, पौधे का सही चुनाव करना, सही तरीके से लगाना आदि ध्यान में रखकर इन्हें लगाने में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
ई-मेल : bhagwandass226@gmail.com



