पंचकूला में विशेष बच्चों के लिए सर्वसुविधायुक्त संस्थान विकसित करने पर दिया जोर
पंचकूला, 5 अक्टूबर (सुरेंद्र गोयल) - हरियाणा के सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव केएम पांडुरंग ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की प्रतिभा को किसी सीमा में नहीं बांधा जा सकता। शारीरिक चुनौतियां उनकी क्षमता का अंतिम परिचय नहीं हैं। सही अवसर, प्रशिक्षण, उपचार, प्रेम और विश्वास मिले तो ये बच्चे अपने परिवार और समाज के लिए प्रेरणा बन सकते हैं।
पांडुरंग रविवार को माता मनसा देवी गौधाम में पंचकूला गौशाला ट्रस्ट की 13वीं और ‘कलाम एक्सप्रेस’ की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। पूर्व मेयर कुलभूषण गोयल ने ट्रस्ट की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार और सामाजिक संस्थाओं की ओर से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के शैक्षणिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए ‘कलाम एक्सप्रेस’ सहित कई प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, संस्थागत स्तर पर और अधिक प्रयासों की जरूरत है, ताकि इन बच्चों तक शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास की सुविधाएं पहुंच सकें।
पंचकूला में बने सर्वसुविधायुक्त संस्थान
पांडुरंग ने कहा कि पंचकूला में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित संस्थान विकसित किया जाना चाहिए। इसमें देश और प्रदेश से आने वाले बच्चों की शिक्षा, उपचार और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा सके। ऐसा संस्थान बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों के लिए भी सहारा बन सकता है। उन्होंने अपनी ओर से तथा सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि एक ओर पंचकूला गौशाला ट्रस्ट 13वीं वर्षगांठ मना रहा है, वहीं दूसरी ओर ‘कलाम एक्सप्रेस’ तीन वर्ष पूरे कर चुकी है। गौसेवा को भारतीय संस्कृति में करुणा, पालन-पोषण और सह-अस्तित्व की भावना का प्रतीक बताते हुए उन्होंने ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना की।
बच्चों तक शिक्षा पहुंचा रही ‘कलाम एक्सप्रेस’
पांडुरंग ने ‘कलाम एक्सप्रेस’ पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह उन बच्चों तक शिक्षा, विशेष प्रशिक्षण और फिजियोथेरेपी पहुंचाने का माध्यम है, जो शारीरिक परिस्थितियों के कारण सामान्य स्कूलों तक नहीं पहुंच पाते। उन्होंने कहा कि इसे ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ की अवधारणा के तहत विकसित किया गया है, ताकि शिक्षा बच्चों तक पहुंचे।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में शुरू हुई इस पहल को श्री धनवंतरी आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल का सहयोग मिला। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी पंचकूला ने भी इसके संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने चिकित्सकों, विशेषज्ञों, शिक्षकों, फिजियोथेरेपिस्टों, स्वयंसेवकों और अन्य सहयोगियों का आभार जताते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से विशेष बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता दिल
कार्यक्रम में विशेष आवश्यकता वाले स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। पांडुरंग ने बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास की सराहना की। उन्होंने बच्चों को स्कूली बैग देकर सम्मानित किया। इसके अलावा 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों, शिक्षकों और फिजियोथेरेपिस्टों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के बाद पांडुरंग ने गौशाला में गौसेवा की और गौमाता को गुड़ व हरा चारा खिलाया।
इस अवसर पर पंचकूला गौशाला ट्रस्ट के प्रधान कुलभूषण गोयल, भाजपा जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, जिला महामंत्री जय कौशिक, डीईईओ सुमन चौधरी, डीईईओ रमेश बत्रा, भाजपा मीडिया संपर्क प्रमुख प्रवीण अत्रे, ट्रस्ट सदस्य दीपक बंसल सहित गणमान्य व्यक्ति, शिक्षक, विद्यार्थी और उनके अभिभावक मौजूद रहे।

