आप भी बनें दूसरों के लिए रोल मॉडल


लक्ष्यों के बिना जीवन एक भटकन है। एक अच्छा चरित्र हमारी स्वस्थ आदतों का संग्रह है। अगर हमारी सोच ही बीमारी होगी तो हमारे इरादे कभी सफल नहीं हो सकेंगे। लक्ष्यों के बिना हमारे प्रयास बेकार और कमज़ोर होते हैं। जब हमारा इरादा बुड्ढा हो जाता है तो अक्सर हम अपनी गलतियों के दोष दूसरों पर थोपना शुरू कर कर देते हैं। घर में बच्चों के रोल मॉडल अभिभावक होते हैं। समझदार अभिभावक अपने बच्चों के सपनों का स्वयं निर्माण करते हैं और उन्हें साकार करने के अवसर देते हैं। हमारी बेटियां पढ़-लिख कर समाज के लिए रोल मॉडल बन सकती हैं। हमारी बेटियां भी जर्मनी की लड़की की रूथ की तरह काम कर सकती हैं, जिसने पाकिस्तान में जाकर कुष्ठ रोगियों की सेवा का प्रण लिया और पाकिस्तान को कुष्ठ मुक्त कर दिया। हमारी बेटियां भी समाज के लिए मदर टरेसा बन सकती हैं। हमारी बेटियों के भीतर भी एक जज़्बा है जिसको अभी हमने पहचाना नहीं है। हमारी चिंताएं और बेकार सोच हमारी बेटियों पर बोझ है। वह कुछ करना और बनना चाहती हैं, परन्तु हमारी अज्ञानता और निराशा उनके पांवों की बेड़ियां बन जाती हैं। संदेह में समझदारी नहीं होती। गलतियों को माफ करने का दिल जितना बड़ा होगा, गलतियां करने और गलतियां होने की सम्भावना उतनी ही कम होती हैं। नई चुनौतियों को स्वीकार करने की हिम्मत जीवन में नई सम्भावनाओं को खोजने में मदद करती है। हमारी बेटियों के भीतर भी जीवन का एक संगीत है, एक कला और खूबसूरती है जिसको हम कभी जानने-पहचानने, समझने और महसूस करने का प्रयास नहीं करते। बेटियों के दिल में उनकी असल भावना को समझने का प्रयास करें। नि:संदेह हमारे समाज में बेटियों के प्रति हमारी समझ का स्तर बहुत निम्न है और हमारी सहनशीलता का दायरा बहुत छोटा है। अच्छे विचार ही हमारा अच्छा व्यवहार बनते हैं। डर अपने आप में एक बड़ी समस्या है। चिंता सबसे बड़ा रोग है। जिन बातों से आपका कोई मतलब नहीं है, उनको अनदेखा करना सीखें। लक्ष्य तक पहुंचने का एक मात्र रास्ता लगन और मेहनत है। एक किस्मत वह होती है जिसको बदला नहीं जा सकता और एक किस्मत वह होती है जिसको हम स्वयं बनाते हैं।समाज के लिए रोल मॉडल बनना है तो मुकाबले की वृति से मुक्त होना पड़ेगा। सफल होने से खुशमिज़ाज और खुशदिल होना ज्यादा मूल्यवान है। ईर्ष्या और जलन से मुक्त होने वाला व्यक्ति ही प्रसन्नचित और सफल हो सकता है। अच्छी सेहत, स्वस्थ आदतें, उच्च सोच और समझदारी जीवन का सबसे बड़ा वरदान हैं अगर आप इन वरदानों के मालिक हैं तो समझें आप दुनिया के सबसे अधिक अमीर व्यक्ति हैं। आप अपनी कीमत स्वयं तय करें और स्वयं को कभी सस्ता न बेचें। दूसरों  के इरादों को पढ़ लेना भी एक विद्या है। अच्छे और बुरे की पहचान कर लेना भी एक कला है। मंज़िल तक जाने के लिए ज़रूरी है आप का बुलंद होना।  परिस्थितियों को बदलने के लिए ज़रूरी है आपके स्वभाव का ज़िद्दी होना। आपके लिए कई बंद दरवाज़ों की चाबी आपका दृढ़ निश्चय और नम्रता है। आप उन लड़कियों का इतिहास पढ़ें, जिन्होंने अपने रास्ते स्वयं बनाएं और स्वयं हिम्मत के कदमों से अपना सफर तय किया। आज हमारी महिलाओं को रूढ़िवादी विचारों के शिकंजे से मुक्त होना पड़ेगा।  नि:संदेह कमज़ोरी आपकी ताकत भी बन सकती है। गलती सबक भी बन सकती है। अक्सर वह बहुत सस्ते भाव से खरीद लिए जाते हैं जिनको अपनी कीमत का पता नहीं होता। बेशक हमारी बेटियां जायदादों की मालिक नहीं होतीं परन्तु वह अपने जीवन की मालिक होती हैं। अक्सर लड़कियां अवसरों का बहुत ध्यानपूर्वक इस्तेमाल करती हैं। जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई ताकत के साथ नहीं बल्कि लगन, मेहनत, समझदारी और नम्रतापूर्वक जीती जा सकती है। ईमानदारी सबसे बड़ी ताकत है। समाज में अच्छी मां से बड़ा कोई बड़ा रोल मॉडल नहीं। अगर अपनी भूमिका को मां अच्छे ढंग से निभाती है तो वह भूमिका ही दुनिया और दिलों पर राज करती है।

-अमरजीत बराड़