कई कारणों से होती है अल्सर की समस्या


कई लोगों की यह धारणा है कि अल्सर केवल गलत खुराक व सिगरेट या शराब पीने से होता है। यह बात सही है कि जो लोग मोटे होते हैं या ज्यादा तेलयुक्त खाना खाते हैं या फिर अधिक मिर्च, मसाला खाते हैं, उन्हें अल्सर होने की ज्यादा संभावना है लेकिन अल्सर होने की यही एक वजह नहीं है। लगभग 70 प्रतिशत लोगों को अल्सर पेट में हैलिओबैक्टर पायलोरी यानी हिपलोरी बैक्टीरिया की मौजूदगी से होते हैं। ये एक कीड़े या जंतु की तरह आपके पेट के अन्दरूनी भाग में चिपक जाते हैं और वहां पर पलते रहते हैं। फिर ये पेट में एक फोड़े के समान बन कर आपको तकलीफ देते हैं लेकिन जब तक आपको पेट में जलन व दर्द न हो, इसके बारे में आपको पता ही नहीं चलेगा। पेप्टिक अल्सर हो जाने से आपको खाने के बाद जलन-सी महसूस होती है। तनाव इस बीमारी को जरूर बढ़ावा देता है। तनाव से आपका शरीर ज्यादा एसिड बनाता है और यह आपके अल्सर के लिए बहुत बुरा है। यदि आपको अल्सर की शिकायत है तो आपको डिस्प्रिन और अन्य एन्टीबायोटिक दवाइयां भी ध्यान से लेनी चाहियें। यदि आपके पेट में ये कीटाणु मौजूद हैं तो जहां जहां ये मौजूद होंगे, वहां-वहां आपको अल्सर होने की संभावना है। इनकी मौजूदगी का पता खून की जांच से लग सकता है। इन्हें खत्म करने के लिए कई दवाइयां हैं जो डॉक्टर ही जांच करने के बाद देते हैं। कभी-कभी तकलीफ इतनी बढ़ जाती है कि मरीज को खाना तो बिल्कुल ही हजम नहीं होता। ऐसे में आपको उबली हुई सब्जियां, इनका जूस, पपीता, केला, इत्यादि लेना चाहिये। इस समय एसिड पैदा करने वाले फल जैसे संतरा, मौसमी इत्यादि न लें। मीट, मछली और ज्यादा चीज इत्यादि न लें और दूध, दही पनीर तो बिल्कुल ही मत लें। एक गलतफहमी है कि इनसे आपको फायदा होगा, उल्टे ये बहुत नुक्सान पहुंचा सकते हैं। आपको इस समय केवल उबला हुआ खाना, हल्की दाल जैसे मूंग की दाल और सब्जियों का रस, सूप इत्यादि लेना चाहिए।यदि आप थोड़े से सावधान रहें और समय पर हायपलोरी को मिटाने की दवा लें तो ही बचाव हो सकता है। 
अल्सर के कुछ लक्षण हैं ...
 भूख न लगना और उबकाई आना।
 पेट में जलन रहना और खाने के बाद जलन का बढ़ जाना।
पसलियों के बीच में व नीचे वाले हिस्से में दर्द रहना।
 यदि आपको बहुत दर्द होती है जो  कुछ खाने के बाद ठीक होती है और पेट खाली होने से फिर होती है।
 रात को ज्यादा दर्द होना।  (स्वास्थ्य दर्पण)

-अम्बिका