पाबंदी के बावजूद किसानों ने शुरू की धान की रोपाई


वरसोला, 11 जून (अ.स.): पंजाब सरकार द्वारा धान की रोपाई के लिए 13 जून का समय निर्धारित किया हुआ है परंतु इसके उलट पंजाब में किसानों द्वारा धान की रोपाई तेज़ी से शुरू कर दी गई है। इसके तहत किसानों द्वारा बड़े स्तर पर धान लगाई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि सरकार द्वारा धान की रोपाई के लिए अभी पूरी 8 घंटे बिजली आपूर्ति भी नहीं दी जा रही और न ही रजवाहों की सफाई करवाकर पानी छोड़ा गया है परंतु किसान फिर भी जनरेटर व इंजन लगाकर महंगे भाव का डीज़ल फूंककर धान की रोपाई कर रहे हैं। इस संबंधी जांच करने पर यह बात सामने आई कि पंजाब में धान की रोपाई के लिए मज़दूरों की कमी के कारण किसान धान लगाने के लिए उतावले हैं। यहां उल्लेखनीय है कि पहले पंजाब सरकार द्वारा धान की रोपाई 20 जून से पहले करने की पाबंदी की हुई थी परंतु इस बार मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने किसानों को राहत देने के मकसद से धान की रोपाई 13 जून से करने के लिए अधिसूचना भी जारी कर दी है परंतु सरकार द्वारा मिली इस राहत से भी पंजाब के किसान संतुष्ट नहीं प्रतीत हो रहे। चिंता की बात यह है कि पंजाब में भूमिगत जल हर वर्ष 20 से 35 सैंटीमीटर नीचे जा रहा है और पंजाब में इसका सबसे बड़ा कारण धान ही है, क्योंकि पंजाब में पानी की सबसे अधिक खपत धान के लिए ही होती है परंतु किसानों की जल्दबाजी यह दर्शाती है कि अधिकतर किसान इस संबंधी गम्भीर नहीं हैं।
गैर प्रमाणित किस्मों का रुझान घटा : विगत वर्षों के दौरान पंजाब में अनेकों किसानों द्वारा गैर प्रमाणित किस्मों की रोपाई की जाती रही है परंतु इसके उलट इस बार किसानों का गैर प्रमाणित किस्मों के प्रति रुझान कम हुआ है। इस बार अधिकतर किसान पंजाब यूनिवर्सिटी द्वारा प्रमाणित किस्म पी.आर. 126, पी.आर 127 व पी.आर. 121 की रोपाई कर रहे हैं। इनमें से सबसे ज्यादा रोपाई पी.आर. 121 किस्म की हो रही है। जबकि बासमती के लिए किसान पूसा 1121 की सबसे अधिक रोपाई कर रहे हैं।