धरती का स्वर्ग कोडाइकनाल


भारत का स्विट्जरलैंड कहलाता है प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर कोडाइकनाल। दुनिया भर में घूमने-फिरने के लिए बहुत-सी खूबसूरत जगह हैं। मगर भारत का कोडाइकनाल अपनी खूबसूरती ही नहीं बल्कि संस्कृति से भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। इसीलिए इसे दूसरा स्विट्जरलैंड कहा जाता है। यहां के सुंदर प्राकृतिक नजारे पर्यटकों को अपनी तरफ  आकर्षित करते हैं। फेमस होने के साथ-साथ यह शहर बेहद खूबसूरत भी है। कोडाइकनाल हिल स्टेशन तमिलनाडु के पश्चिम तट पर स्थित है।  यह समुद्र तल से 2,130 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। पलानी पहाड़ियों पर स्थित यह शहर करीब 21 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। खूबसूरत प्राकृतिक दृश्य और मनोहारी स्थलों के कारण इसे भारत का स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है। यहाँ की सर्द जलवायु देख विश्वास ही नहीं होता कि दक्षिण भारत में भी इतना ठंडा मौसम हो सकता है। यह सुंदर नगरी देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करती है। कुछ लोग तो इसे पर्वतीय राजकुमारी भी कहते हैं। प्राकृतिक फूलों से लदी तथा वातावरण को सुगंधित करती इस पहाड़ी की वादियां भीषण गर्मी में सुकून दिलाती हैं। यहां पहुंच कर  सैलानियों को अद्भुत राहत मिलती है। यहां का मौसम लगभग पूरे वर्ष खुशनुमा रहता है। बताया जाता है कोडईकनाल की खोज का श्रेय अमरीकी मिशनरियों को है। 19वीं शताब्दी में दक्षिण के अन्य क्षेत्रों की भीषण गर्मी से तंग अमरीकी मिशनरियों ने इस पर्वतीय स्थल को गर्मी से राहत पाने का सबसे उपयुक्त स्थान पाया था। उन दिनों नीलगिरी के ऊंचे शिखरों के बीच पहुंचना एक दुष्कर कार्य था। इस क्षेत्र में न तो रास्ते थे और न ही अन्य कोई सुविधा उपलब्ध थी।  कोडइकनाल में मिशनरियों की विशेष दिलचस्पी का अंदाजा यहां स्थित अनेक गिरिजाघरों और स्कूलों से लगाया जा सकता है। सन् 1901 में स्थापित मिशनरी स्कूलों में सबसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय स्कूल इंटरनेशनल स्कूल है। कोडइकनाल का दूसरा प्रसिद्ध अध्ययन केन्द्र सेक्रेड हार्ट कालेज है। इसकी स्थापना 1895 में हुई थी। इस कालेज में एक संग्रहालय भी है, जिसमें मुख्य रूप से पलानी पहाड़ियों के पुरातत्वीय अवशेष तथा पेड़-पौधे रखे गए हैं। इस संग्रहालय में आरकिड्स की 300 किस्में भी हैं। यह शेनबागनूर संग्रहालय के नाम से भी जाना जाता है।  कोडाइकनाल का आसपास  कई मंदिर हैं। यहाँ की झील अद्भुत दृश्यावलियों से परिपूर्ण है। इस झील का निर्माण ब्रिटिश अधिकारी कर्नल हेमिल्टन ने 1864 में किया था। यह पूरी तरह से मानवनिर्मित झील है। यह झील अपनी सुंदरता के लिए लोगों मे बहुत ही लोकप्रिय है।  आसपास रंग-बिरंगे फूल और झरने इसके सौंदर्य को द्विगुणित कर देते हैं।