आगामी चुनावों के लिए सक्रियता

माघी का त्यौहार पंजाब के इतिहास में एक विशेष महत्त्व रखता है। इसी दिन श्री गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा साजी कौम के बहादुर योद्धाओं ने खिरदाणे की ढाब पर म़ुगल फौज के विरुद्ध लड़ाई लड़ते हुए शहीदी दी थी, जिन्हें दशम गुरु ने 40 मुक्तों का खिताब दिया था। नि:संदेह इस दिन पर श्री मुक्तसर साहिब में इन शहीदों की बहादुरी को नमन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु इकट्ठा होते हैं, ताकि उनके लिए यह दिन प्रेरणादायक बना रहे। इस अवसर पर राजनीतिक पार्टियों और उनके नेता कांफ्रैंसों का आयोजन भी करते हैं। इस बार भी आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा श्री मुक्तसर साहिब में जहां भारी इकट्ठ किया गया, वहीं अन्य अलग-अलग पार्टियों द्वारा भी इस ऐतिहासिक धरती पर अपने-अपने सम्मेलन आयोजित किए गए। इनमें शिरोमणि अकाली दल (ब) के अतिरिक्त भारतीय जनता पार्टी, ‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ और स. सिमरनजीत सिंह मान के नेतृत्व वाले अकाली दल ने भी अपनी भरपूर उपस्थिति दर्ज की।
इन कांफ्रैंसों में राजनीतिक पार्टियों के नेताओं द्वारा दिए गए भाषणों में कुछ महत्त्वपूर्ण बातें ज़रूर उभरी हैं। पहली बात तो यह कि इन अलग-अलग नेताओं द्वारा पंजाब के वर्ष बाद होने वाले विधानसभा चुनावों  को ध्यान में रखा प्रतीत होता है, जहां आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अपने भाषणों में अपनी सरकार की पिछले 4 वर्षों की उपलब्धियों का ज़िक्र किया और यह भी दावा किया कि वह पूरा समय प्रदेश के विकास के लिए समर्पित रहे हैं। उनके अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में बनाई योजनाओं को सफल बनाया गया और यह भी सुनिश्चित किया गया कि सरकार द्वारा नशों के प्रचलन और फैले भ्रष्टाचार संबंधी कड़े कदम उठा कर इन बुरे कार्यों को रोका जाये।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह कहा कि लोग सरकार की कारगुज़ारी से खुश हैं और आगामी सरकार भी इसी पार्टी की ही देखना चाहते हैं और यह भी दावा किया कि पंजाब के लोगों के साथ किए वायदे पूरे किए गए हैं। आगामी समय में आने वाले बजट अधिवेशन में अन्य वायदों की पूर्ति के लिए महिलाओं को आर्थिक सहायता का वायदा भी पूरा किया जाएगा। पार्टी के पंजाब प्रभारी मुनीष सिसोदिया ने यह कहा कि पंजाब के लोग सरकार के कामकाज़ से खुश दिखाई दे रहे हैं और पंजाब के आगामी मुख्यमंत्री वे भगवंत मान को ही देखना चाहते हैं। इसके अतिरिक्त अन्य अलग-अलग मंत्रियों ने भी अपने-अपने विभागों के विकास कार्यों की सूची पेश की।
आगामी चुनावों के दृष्टिगत सुखबीर सिंह बादल ने कुछ समय पहले हुए ज़िला परिषदों और ब्लाक समितियों के चुनावों का ज़िक्र करते हुए कहा कि इनमें उनकी पार्टी को लोगों ने भरपूर समर्थन दिया था। यही उम्मीद वह आगामी विधानसभा के चुनावों में भी लोगों से करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब सरकार और कांग्रेस पार्टी की भी कई पक्षों से कड़ी आलोचना की।
इस बार जो बात बड़े रूप में उभर कर सामने आई थी वह यह कि भाजपा द्वारा भी रैली आयोजित की गई थी। भाजपा के इतिहास में पहला अवसर था कि उसने अपने तौर पर माघी के अवसर पर ऐसी कांफ्रैंस का आयोजन किया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी सहित इसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता शामिल हुए और उन्होंने पूरे विश्वास के साथ यह दावा किया कि पार्टी अकेले ही अपने दम पर आगामी विधानसभा चुनावों में पूरे विश्वास के साथ उतरेगी। इनसे यह प्रभाव मिलना स्वाभाविक है कि प्रदेश के लिए यह वर्ष जहां बड़ी राजनीतिक हलचल वाला होगा, वहीं प्रत्येक पार्टी लोगों का विश्वास जीतने का पूरा यत्न करेगी।
सरकार के लिए भी यह वर्ष चुनौतीपूर्ण रहेगा। उसे इस समय में जहां अपने किए वायदों को पूरा करने के लिए कड़े यत्न करने पड़ेंगे, वहीं विपक्षी पार्टियां भी उसकी कमियां बताने के लिए अपनी-अपनी गतिविधियों से पूरी तरह यत्नशील रहेंगी। नि:संदेह इस समय यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकारी पक्ष के साथ-साथ अन्य पार्टियां क्रियात्मक रूप में कैसे मैदान में उतरेंगी?

—बरजिन्दर सिंह हमदर्द

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