केरल में अब छोटे पैमाने पर की जा रही सूरजमुखी की खेती, किसानों को मिल रहा लाभ
इडुक्की (केरल),13 फरवरी - केरल के पश्चिमी घाट में स्थित एक प्रमुख पहाड़ी जिला है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, विशाल वनों, मसाला बागानों और एशिया के सबसे बड़े मेहराबदार बांध (इडुक्की बांध) के लिए प्रसिद्ध है। इसे 'केरल का मसाला उद्यान' भी कहा जाता है। ऐसे में केरल में अब प्रायोगिक और व्यावसायिक आधार पर सूरजमुखी की खेती की जा रही है। मुख्य रूप से इडुक्की में किसानों ने इसे अपनाया है, जहाँ रेतीली मिट्टी में तकनीक (के प्रयोग से अच्छी पैदावार मिल रही है। यह खेती पर्यटन (सुनहरे फूल देखने के लिए) और आय का नया स्रोत बन रही है। खिले हुए सूरजमुखी के खेत पर्यटकों को बहुत आकर्षित कर रहे हैं, जिससे किसानों को फूलों की बिक्री के साथ-साथ पर्यटन से भी आय हो रही है। लोग इन खेतों में फोटो लेने के लिए आ रहे हैं।

