मुंबई एयरपोर्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग के लिए ट्रैवल एजेंटों की 'पहली पसंद' बन रहा है - संत सीचेवाल
सुल्तानपुर लोधी (कपूरथला), 15 फरवरी (थिंद) - राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने संसद के बजट सत्र के आखिरी दिन ह्यूमन ट्रैफिकिंग और विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन का ध्यान इस ओर दिलाया कि एक तरफ खाड़ी देशों में भारतीय लड़कियों का शोषण हो रहा है, तो दूसरी तरफ रूस-यूक्रेन के युद्ध के मैदानों में गरीब परिवारों के नौजवानों को युद्ध की ओर धकेला जा रहा है। संत सीचेवाल ने कहा कि ट्रैवल एजेंटों के गैंग गरीबी, बेरोजगारी और मजबूरी का फायदा उठाकर कुंवारी लड़कियों और गरीब महिलाओं को निशाना बना रहे हैं। उन्हें मोटी सैलरी और घरेलू नौकरियों का झूठा वादा करके खाड़ी देशों में भेजा जाता है। वहां पहुंचने पर पीड़ितों के पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते हैं, उनसे अरबी में लिखे कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करवाए जाते हैं और उनका शारीरिक और मानसिक शोषण किया जाता है। कई को पैसे नहीं दिए जाते और उनके परिवारों से उनका संपर्क भी काट दिया जाता है, जिससे वे गुलामी की जिंदगी जीने को मजबूर हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई एयरपोर्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग के लिए ट्रैवल एजेंटों की 'पहली पसंद' बनता जा रहा है। उन्होंने विदेश मंत्रालय और ओमान में भारतीय दूतावास की कोशिशों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी कोशिशों से 135 भारतीय लड़कियों को सुरक्षित वापस लाया गया है। इसके बावजूद, उन्होंने सवाल उठाया कि ह्यूमन ट्रैफिकिंग का यह घिनौना धंधा आखिर कब बंद होगा।

